चौक के लापता सर्राफ अमित अग्रवाल पर करोड़ों रुपये लेकर भागने का आरोपी है। बकाया का दावा करने वाले वसूली के लिए लिखत-पढ़त के कागज पेश कर रहे हैं।
जबकि अमित के भी करीब 10 करोड़ रुपये 20 से अधिक कारोबारियों पर बकाया है। ये करोबारी अमित का करीब 20 किलो सोना और 500 किला चांदी दबाए बैठे हैं।
इनमें से एक कारोबारी ने आगे आते हुए 38 लाख रुपये की बकाएदारी मानते हुए अमित के आने पर लौटाने की बात कही है।
करीब चार माह पहले परिवार के साथ लापता हुए अमित अग्रवाल की पत्नी और बच्चों का पुरी के एक होटल में शव मिलने के बाद से चौक सर्राफा बाजार में खलबली सी है।
दबी जबान कारोबारी चर्चा कर रहे हैं कि 25 करोड़ की देनदारी के चलते ही अमित गायब हुआ था। बकाया न चुका पाने की स्थिति में खुद ही पत्नी और बच्चों की हत्या कर फरार हो गया।
कुछ का तो यहां तक कहना है कि अमित करोड़ों की चपत लगा उन्हें बर्बाद कर गया है। ऐसे कारोबारियों ने अमित पर दो किलो सोना लेकर भागने तक का आरोप जड़ा है।
हालांकि बाजार में जानकारी करने पर पता चला कि अमित पर करीब 25 करोड़ रुपये की देनदारी तो है,लेकिन लोकल कारोबारियों की नहीं। बकाया मुंबई,राजकोट और दिल्ली के बड़े कारोबारी समूहों का है।
उसने इन समूहों से सोने-चांदी के गहने लिए थे,जिसका भुगतान बाकी थी। वहीं,चौक सहित अन्य बाजारों के कारोबारियों ने उससे गहने लिए और भुगतान नहीं किया।
सूत्र बताते कि चौक के एक बड़े कारोबारी पर ही 8 किलो सोने एवं 350 किलो चांदी का भुगतान बकाया है। एक और कारोबारी पर 6 किलो सोना,100 चांदी के साथ ही एक करोड़ रुपये नगद बाकी है।
इसके अलावा एक कारोबारी पर 50 किलो चांदी और 45 लाख रुपये बकाया है। अमित के बकाएदारों में अमीनाबाद,महानगर एवं आलमबाग के भी 10 कारोबारी शामिल हैं जिन पर सोने एवं चांदी के 10 से 25 लाख रुपये तक बाकी हैं।
ऐसे बकाएदार रकम चुकाने के नाम पर मौन है। सिर्फ दो कारोबारियों ने बकाया रकम को माना है। इसमें से एक ने रकम को अमानत बताते हुए उसके लौटने पर देने और अनहोनी पर पिता को देने की बात कही।
जबकि दूसरे ने 1.87 करोड़ की जगह महज 1.87 लाख रुपये की देनदारी होने की बात कही है। अमित की कुल फंसी रकम का एसोसिएशन के पास पूरा हिसाब है। एसोसिएशन के कुछ लोग भी बकाएदारों में शामिल हैं।
कारोबारियों को अखर रहा था अमित
चौक के कुछ कारोबारियों को अमित अखरने लगा था। दरअसल राजधानी के बुलियन (ठोस सोना एवं चांदी की खरीद फरोख्त) कारोबार में अमित तेजी पैठ बना रहा था।
सूत्रों के अनुसार रोज करीब 20 से 25 सोने की बिक्री कर रहा था। राजधानी में उससे जुड़ने वालों की संख्या बढ़ रही थी।
दूसरे बुलियन की तुलना में कारोबारी अमित से खरीद-फरोख्त करने लगे थे। जानकारों के अनुसार अमित को कर्जदार बनाने में ऐसे बुलियन कारोबारियों का भी हाथ हैं।