लखनऊ की अमीनाबाद पुलिस ने रविवार को सरकारी योजना के नाम पर ठगी करने वाले तीन शातिर ललित कुमार, अनिल व शहबाज अली को झंडेवाला पार्क के पास से गिरफ्तार किया है। पुलिस को तीनों के पास से चार मोबाइल, एक लैपटॉप व 1500 रुपये मिले हैं।
अमीनाबाद थाना प्रभारी निरीक्षक आलोक कुमार राय के मुताबिक, सरकार की तरफ से कई योजनाएं गरीब दुकानदारों को लिए चल रही हैं। ऐसे में इधर कोविड संक्रमण के दौरान प्रदेश सरकार ने पटरी दुकानदारों को एक-एक हजार रुपये देने का एलान किया था। यह रकम दुकानदारों को कैसे मिलेगी, किसी को कोई जानकारी नहीं हो रही थी। इसका फायदा उठाते हुए हुसैनगंज निवासी ललित, नाका निवासी अनिल बाजपेई व गुडंबा निवासी शहबाज ने लोगों को जाल में फंसाने की योजना बनाई।
तीनों झंडेवाला पार्क के पास लैपटॉप लेकर बैठ गए और दुकानदारों के एक-एक हजार रुपये दिलाने के नाम पर 500-500 रुपये वसूलने लगे। इसी बीच मौलवीगंज निवासी धीरज सोनकर भी पहुंचा लेकिन उसके पास रुपये न होने पर उसने परिजन से रुपये उधार मांगे। इस पर परिजनों ने रुपये मांगने की वजह पूछी तो सारी जानकारी धीरज ने दे दी। धीरज को बाद में पता चला कि इसके लिए कोई शुल्क नहीं लग रहा है। ऐसे में धीरज अमीनाबाद थाने गया और पूरी जानकारी दी।
इसके बाद पुलिस ने जानकारी की, लेकिन तीनों तब तक फरार हो गए। रविवार को पुलिस ने झंडेवाला चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में तीनों ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। तीनों को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेजा।
लोन दिलाने के नाम पर करते थे ठगी
थाना प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, तीनों ने पूछताछ में बताया कि वह लोगों को लोन दिलाने के नाम पर ठगी करते थे। इस बीच कोई काम न चलने पर ठगी करने का यह नया तरीका निकाला था।