फोन पर बात करते बीडीएस छात्रा प्रिया सिंह के फंदे पर लटकने के मामले में आरोपी बीडीएस छात्र मंसूर के अधिवक्ता ने शनिवार को कोर्ट में आत्मसमर्पण के लिए अर्जी दी है।
एसीजीएम ने प्रार्थना पत्र की सुनवाई करते हुए 28 अप्रैल की तारीख नियत करते हुए काकोरी पुलिस से रिपोर्ट तलब की है कि मंसूर प्रिया को खुदकुशी के लिए उकसाने के मुकदमे में वांछित है या नहीं।
मालूम हो कि आजमगढ़ की बीडीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा प्रिया सिंह फोन पर बात करते फंदे पर लटक गई थी। फोन पर बातचीत में आखिर कॉल प्रिया ने कॉलेज के बीडीएस छात्र मंसूर को मिलाया था।
तीन मिनट की आखिरी कॉल में प्रिया अपने दोस्त मंसूर को कैद से मुक्त करने के लिए दरकार लगा रही थी। पुलिस ने छानबीन की तो आखिरी कॉल वाला सिम बाराबंकी के एक युवक का निकला।
उधर, प्रिया की मां ने एसएसपी से मिलकर पूरे मामले की जांच कराने का अनुरोध किया था। जांच के बाद पुलिस ने प्रिया के मां की तहरीर पर मंसूर के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की।
पुलिस आरोपी मंसूर की तलाश कर रही है। शनिवार को आरोपी मंसूर के अधिवक्ता ने आत्मसमर्पण के लिए कोर्ट में अर्जी दी है।
एसीजेएम हितेंद्र हरि ने अर्जी की सुनवाई करते हुए 28 अप्रैल की तारीख नियत करते हुए काकोरी पुलिस से रिपोर्ट तलब की है कि मंसूर प्रिया को खुदकुशी के लिए उकसाने के मुकदमे में वांछित है या नहीं।
इंस्पेक्टर काकोरी मुखराम यादव का कहना है कि कोर्ट का आदेश मिलने पर मुकदमे संबंधित रिपोर्ट भेज दी जाएगी।