मुन्ना बजरंगी की हत्या के मामले में डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने को कहा कि उसकी पत्नी सीमा सिंह की ओर से दी गई तहरीर पर अलग से एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। पूर्व में जेल प्रशासन की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में ही इस तहरीर को शामिल कर विवेचना की जाएगी। डीजीपी ने यह जानकारी यहां एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद मीडियाकर्मियों को दी।
उन्होंने कहा कि मुन्ना बजरंगी की हत्या के मामले में पुलिस से कोई चूक नहीं हुई है। पुलिस न्यायालय के आदेश का पालन कर रही थी और उसे पूरी सुरक्षा मुहैया कराई गई थी। बजरंगी को दो एम्बुलेंस और पर्याप्त पुलिस बल के साथ झांसी से बागपत जेल लाया गया था। 12 घंटे के सफर में कहीं कोई दिक्कत नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि मुन्ना बजरंगी की हत्या जेल के अंदर हुई। इस पूरे मामले को मुख्यमंत्री ने भी गंभीरता से लिया है। न्यायिक जांच, मजिस्ट्रेटी जांच और विभागीय जांच के साथ-साथ पुलिस भी इस मामले में विवेचना कर रही है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण में जिसकी भी लापरवाही होगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि बजरंगी की पत्नी सीमा ने तहरीर में जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह, पूर्व पुलिस अधिकारी जीएन सिंह, जीएन सिंह के बेटे प्रदीप सिंह समेत कई लोगों को पति की हत्या के लिए जिम्मेदार माना है।