गाजीपुर थाना क्षेत्र में समलैंगिक संबंधों में खलल के चलते विवाहिता को गोली से उड़ाने वाली महिला प्रधान सुमन सिंह बुधवार को जेल जाने से पहले अपने कृत्य पर पछताने लगी।
पुलिस अफसरों से बोली कि दीपा से बहुत प्यार करती थी। उसकी बेरुखी से गुस्सा आया और कत्ल हो गया। एसपी ट्रांसगोमती हबीबुल हसन ने बताया कि इस्माइलगंज की दीपा सिंह की हत्या के आरोप में गिरफ्तार सुमन सिंह व उसके साथी शिवम मिश्रा को कोर्ट में पेश किया गया।
मजिस्ट्रेट ने दोनों को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। इस मामले में फरार सुमन के भतीजे विपिन सिंह की तलाश में विभिन्न स्थानों पर दबिश के साथ ही करीबी लोगों पर दबाव बनाया जा रहा है। इससे पहले पुलिस टीम ने महिला पुलिसकर्मियों की मदद से सुमन से गहन पूछताछ की।
पुलिस सूत्रों ने जानकारी दी है कि जेल भेजने की तैयारी होते देख सुमन पछताने लगी। कहा कि दीपा से बहुत प्यार करती थी। छह साल पहले उससे मंदिर में शादी की थी और वही उसकी पत्नी थी।
अरसे से दीपा के साथ रात में रुकती थी। पूरा ख्याल रखती थी और उसके एनजीओ के लिए भी काम करती थी। सुमन ने पुलिस के सामने दावा किया कि दीपा भी उसे बहुत मानती थी।
पति के दबाव में उसने बेरुखी शुरू की। इसे काफी समय से नजरअंदाज कर रही थी। हमेशा की तरह सोमवार रात भी वह भतीजे विपिन के साथ दीपा के घर पहुंची।
विपिन ने उसे घर बाहर उतारा और कार लेकर चला गया। सुमन बोली कि नशा अधिक होने की वजह से मंगलवार सुबह देर से आंख खुली। दीपा बिस्तर पर नहीं थी।
आवाज देने पर बताया कि बच्चों के लिए नाश्ता तैयार कर रही है। इसके साथ उसने झगड़ने के साथ अपमानित करना शुरू कर दिया। बर्दाश्त से बाहर होने पर वह भी भड़क गई।
इस बीच गुस्से में अपने भतीजे को फोन करके बुला लिया। सुमन बोली कि उसने दीपा को धमकाने के लिए कार के डैशबोर्ड से पिस्टल निकाला। एक हवाई फायर किया।
दीपा डरने के बजाय और आक्रोशित हो गई तो गोली मार दी। सब कुछ गुस्से में हो गया। हकीकत में दीपा को चोट पहुंचाने की भी नहीं सोच सकती थी।