पीजीआई थाना क्षेत्र में सीबीएससी बोर्ड से इंटरमीडिएट के छात्र ने पेपर खराब होने के डर से मंगलवार दोपहर फांसी लगाकर जान दे दी। मां और बहन उसे कमरे में पढ़ता छोड़ दवा लेने निकली थी।
वृंदावन कॉलोनी में रहने वाले आकाश शर्मा (17) ने दोपहर कमरा भीतर से बंद किया और दरवाजे के कुंडे से फंदा कसकर फांसी लगा ली। आकाश गार्गीराज इंटर कॉलेज में 12वीं का छात्र था।
एक मार्च को उसने अंग्रेजी की परीक्षा दी थी और बुधवार को फिजिक्स का पेपर था। मां कंचन शर्मा ने बताया कि दोपहर में कानपुर से आई बेटी हेमा को साथ लेकर दवा लेने मुंशी पुलिया गई थी।
शाम को लौटी काफी देर खटखटाने पर भी दरवाजा नहीं खुला। आकाश के सो जाने की संभावना के चलते मां-बेटी ने पड़ोसी लड़कों को बुलाकर दरवाजा तुड़वाया। कुंडी टूटने के साथ दरवाजा खुला तो आकाश फंदे से लटका नजर आया।
फंदे से उतार कर उसे पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक मौत हो चुकी थी। बेटे की मौत पर बिलख रही कंचन ने पुलिस को सूचना दी। पिता जितेंद्र शर्मा रेलवे में टीटीई हैं और इस समय शाहजहांपुर में तैनात हैं।
तीनों बेटे रिजुल, आकाश और विधान शर्मा वृंदावन कॉलोनी में रहकर पढ़ाई करते हैं, जबकि पति के पास रहने वाली कंचन कभी-कभार बच्चों के पास आती थी। परीक्षाएं शुरू होने पर बेटों के पास आई थी।