जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई न होने से क्षुब्ध हरदोई निवासी अनीता ने महिला दिवस के दिन शनिवार को दुस्साहसिक कदम उठा लिया।
घर से बिना किसी को बताए राजधानी पहुंची और विधान भवन के सामने शरीर पर मिट्टी का तेल उड़ेल लिया।
माचिस जलाने से पहले आसपास मौजूद पुलिस कर्मियों ने उसे पकड़ लिया और महिला थाने ले गए। महिला संगठन की सदस्यों ने मुचलका भरवाकर उसे छुड़वाया। अनीता का कहना है कि वह एक साल से जमीन पर कब्जा करने वालों से जूझ रही है।
पुलिस व प्रशासन के अफसरों से शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने से क्षुब्ध होकर ही उसने यह कदम उठाया।
अनीता शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे विधान भवन के गेट नंबर दो के सामने पहुंची और प्लास्टिक की बोतल में भरा मिट्टी तेल शरीर पर उड़ेल लिया।
आसपास मौजूद पुलिस कर्मियों के कुछ समझने तक वह माचिस निकाल चुकी थी। मंशा समझ पुलिस कर्मियों ने उसे पकड़ लिया। इस खबर से सनसनी फैल गई। उसे महिला थाने लाया गया। एसओ शिवा शुक्ला ने कपड़े बदलवाने के बाद पूछताछ की।
हरदोई के मल्लावां थाना क्षेत्र के गोवर्द्धनपुर गांव की अनीता ने बताया कि पति जय सिंह किसान है।
करीब एक साल पहले गांव के ही रामकुमार ने भाई गंगा शरण और बेटों के साथ उसकी चार बिसवा जमीन पर कब्जा कर लिया था। चौकी से लेकर मल्लावां थाने तक शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं हुई।
डीएम, एसपी और एसडीएम से गुहार के बावजूद जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
27 फरवरी को अनीता ने राजधानी आकर सीएम से भी गुहार लगाई थी। बकौल अनीता,सरकार व स्थानीय पुलिस-प्रशासन के अफसर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
जिससे दबंगों का हौसला बुलंद है। इस हालात में उसके सामने जान देने के अलावा कोई चारा नहीं था।
अनीता ने बताया कि दो बेटे व एक बेटी को खाना खिलाने के बाद बिना किसी को बताए दोपहर करीब एक बजे बस से लखनऊ आ गई। एक प्लास्टिक की बोतल में मिट्टी का तेल भी लेकर आई थी।
पूछते-पूछते वह शाम करीब साढ़े चार बजे विधान भवन पहुंची और शरीर पर मिट्टी तेल उड़ेल लिया।
एसओ शिवा शुक्ला ने बताया कि महिला दिवस के चलते कई महिला संगठन की पदाधिकारी थाना आ गईं और उसकी समस्या हल करने की मांग की। बाद में पति उसे लेकर हरदोई लौट गया।