शहर की सड़कों पर अंधाधुंध दौड़ते टैंपो हादसों का कारण बन चुके हैं। आगे निकलने की होड़ में इनके चालक अगल-बगल चलने वालों का भी ध्यान नहीं रखते। वजीरगंज में रविवार शाम इसी चक्कर में एक मासूम टैंपो की चपेट में आ गया।
मासूम को रौंदने के बाद चालक टैंपो मौके पर ही छोड़कर भाग निकला। पीछे से आ रहे टैंपो के चालक ने मानवता दिखाते हुए मासूम को ट्रॉमा सेंटर पहुंचाने के साथ ही पुलिस को सूचना दी।
परिवार के लोग जानकारी होते ही घबराए हुए ट्रॉमा पहुंचे। इलाज के दौरान मासूम की मौत हो गई।
वजीरगंज के तकिया आजमबेग निवासी सुनील (7) प्राथमिक विद्यालय में दूसरी का छात्र था। दोपहर दो बजे के करीब दोस्तों के संग खेलने गया था। शाम चार बजे के करीब घर लौट रहा था। रास्ते में गुलाब टाकिज के पास सड़क किनारे कुछ तलाश रहा था।
इस बीच पीछे से तेज रफ्तार में टैंपो दौड़ाकर ला रहे चालक ने उसे रौंद दिया। सवारियों के शोर मचाने पर चालक टैंपो छोड़कर फरार हो गया। बावजूद इसके किसी ने मासूम को अस्पताल पहुंचाने या पुलिस को फोन करने की जहमत नहीं उठाई और खिसक लिए।
खून से लथपथ मासूम सड़क किनारे पड़ा तड़पता रहा। इस बीच उधर से गुजरा एक टैंपो चालक मासूम को ट्रॉमा सेंटर ले गया और पुलिस को सूचना दी।
आसपास लोगों से पूछताछ के बाद शिनाख्त होने पर पुलिस ने परिवार को हादसे की जानकारी दी। घरवाले घबराए हुए ट्रॉमा सेंटर पहुंचे।
इलाज के दौरान देर शाम मासूम की मौत हो गई। पिता बहादुर सिंह चौहान बेटे को खोने के गम में बेसुध होकर गिर पड़े।
साथ आए लोगों ने उन्हें किसी तरह संभाला। उधर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर टैंपो जब्त कर लिया है। नंबर के आधार पर चालक की तलाश की जा रही है।