स्ट्रीट क्राइम रोकने के लिए लखनऊ पुलिस अब तकनीक का सहारा लेने जा रही है। राजधानी के गली-कूचों में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं से परेशान लखनऊ के एसएसपी ने ये योजना बनाई है।
रविवार को एसएसपी रविंदर कुमार गौड ने ट्रांसगोमती क्षेत्र के सभी पुलिस अफसरों की एक मीटिंग बुलाई। इस मीटिंग में उन्होंने पुलिस को कुछ ऐसे नुस्खे अपनाने को कहा है, जिससे शहर का ट्रैफिक भी दुरुस्त होगा और स्ट्रीट क्राइम पर भी अंकुश लगेगा।
वीडियो कैमरे से होगी रिकॉर्डिंग
अक्सर चौराहों पर पुलिस वाले आपको बीच सड़क हाथ देते हैं, गाड़ी किनारे लगाने को कहते हैं और आपके कागजात की जांच करनी शुरू कर देते हैं। इससे कई बार तो गलत लोग हत्थे चढ़ जाते हैं, लेकिन सही लोगों को भी कई बार परेशान होना पड़ता है।
इसी परेशानी को दूर करने और निमय तोड़ने वालों को अचूक सजा देने के लिए अब लखनऊ की पुलिस दिल्ली के मॉडल पर काम करेगी। यहां पुलिस वाले चौराहों पर ट्रैफिक की वीडियो रिकॉर्डिंग करेंगे।
नियम तोड़ने वालों की गाड़ी का नंबर वीडियो से देखकर, सबके घर पर ही सीधे चालान भेज दिया जाएगा।
स्ट्रीट क्राइम पर भी कसेगी लगाम
स्ट्रीट क्राइम रोकने के लिए पुलिस ने गलियों में औचक निरीक्षण की योजना तैयार की है। अब वीडियो कैमरे से लैस पुलिस किसी भी वक्त किसी गली में जाएगी और नुक्कड़ पर खड़े होकर लड़कियों को छेड़ने व लड़ाई करने वालों की मरम्मत करेगी।
इसी तरह सड़क के किनारे बनी मॉडल शॉप पर या गाड़ियों में बैठकर दारूबाजी करने वाले लोगों की भी चेकिंग नियमित रूप से की जाएगी। दोषियों को कानून की उपयुक्त धारा के आधार पर सजा भी दी जाएगी।