पीड़ित किसान की जागरूकता व डीएम की तत्परता के चलते एक तहसीलदार पर घूस मांगने का मुकदमा दर्ज किया गया है।
मामला सदर तहसील का है जहां तैनात तहसीलदार न्यायिक ने एक ग्रामीण से जमीन के दस्तावेज दुरुस्त करने के लिए पांच लाख रुपये घूस की मांगी थी।
ग्रामीण ने पूरे बातचीत का स्टिंग कर अपने मोबाइल से वीडियो बना डीएम से शिकायत की।
डीएम के आदेश पर मंगलवार को पुलिस ने न्यायिक तहसीलदार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुकदमे की जांच सीओ सिटी करेंगे।
मांगे थे पांच लाख रूपये
सदर तहसील के ग्राम जगतापुर निवासी माता प्रसाद पाठक के पिता सच्चिदानंद की कुछ वर्ष पूर्व मौत हो गई थी। उनके पिता के नाम पर 34 बीघे पैतृक जमीन थी।
विरासत दर्ज करने व दस्तावेजों की अन्य गलतियां दुरुस्त करने के लिए माता प्रसाद ने तहसीलदार न्यायिक के कोर्ट में वाद दायर किया था। वह काफी समय से तहसील के चक्कर काट रहा था।
इसी बीच उसे तहसीलदार न्यायिक शत्रुहन लाल ने एक व्यक्ति के माध्यम से अपने कपूरथला स्थित सरकारी आवास पर बुला उससे पांच लाख रुपये की घूस मांगी।
तहसीलदार पर एफआईआर
माता प्रसाद ने पूरी बातचीत का स्टिंग कर मोबाइल से वीडियो बना लिया। इसके बाद जिलाधिकारी नरेंद्र कुमार सिंह से मामले की शिकायत की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक हरिश्चंद्र यादव ने बताया कि तहसीलदार न्यायिक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मुकदमे की विवेचना पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर अशोक कुमार सिंह करेंगे।
स्टिंग देखने के बाद दिया आदेश: डीएम
जिलाधिकारी नरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि उन्होंने पूरे मामले का वीडियो देखा है। इसके बाद एफआईआर का आदेश दिया है।
डीएम ने कहा कि कुछ अधिकारी अपनी मर्यादा खो रहे हैं, जिसके चलते जनता को परेशान होना पड़ रहा है। दोषी अधिकारी को कतई बख्शा नहीं जाएगा। रिपोर्ट शासन को भी भेजी जाएगी।