शिक्षिका को थप्पड़ मारने वाले विधायक का बेटा अभिनव गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है लेकिन थोड़ी ही देर बाद वह जमानत पर आजाद हो गया।
विधूना के विधायक प्रमोद गुप्ता के बेटे की गिरफ्तारी और अदालत में पेशी के दौरान पुलिस उसकी आवभगत में जुटी रही।
विधायक पुत्र को निजी गाड़ी में कोर्ट ले जाया गया। जमानत मिलने के बाद पुलिसकर्मी उसे अपना दुखड़ा सुनाने व उसका मोबाइल नंबर लेने में लगे रहे।
नियम-कानून और सिस्टम रसूखदारों के इशारे पर चलता है। इसका ताजा उदाहरण गत गुरुवार को सामने आया।
विधायक प्रमोद गुप्ता के बेटे ने एमिटी विश्वविद्यालय की शिक्षिका अर्चना शुक्ला को जब थप्पड़ जड़ा तो शिक्षिका चिनहट कोतवाली में तहरीर देने पहुंची। इस पर इंस्पेक्टर कोतवाली छोड़ भाग निकला।
दस घंटे से ज्यादे का वक्त लग गया पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने में। इसके बाद गिरफ्तारी को लेकर हीलाहवाली जारी रही।
शिक्षिका ने विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से शुक्रवार को मिलकर व्यथा सुनाई। सीएम ने ढिलाई बरतने के लिए पुलिस को फटकारा और कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस जागी।
पुलिस की मानें तो रविवार दोपहर करीब 12 बजे घेराबंदी कर अभिनव को एमिटी के पास से गिरफ्तार किया गया। दोपहर में ही पुलिस ने उसे रिमांड न्यायिक मजिस्ट्रेट आबिद शमीम के समक्ष पेश किया।
अर्जी पर सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अभिनव को बीस-बीस हजार की दो जमानतें व बीस हजार मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया।
गौरतलब है कि गुरुवार को अभिनव लॉ की शिक्षिका अर्चना की क्लास में घुस गया और अभद्रता की। विरोध पर उसने शिक्षिका को थप्पड़ जड़ दिया था। शिक्षिका क्लास से निकली तो उसे विश्वविद्यालय की लॉबी में दौड़ा लिया और गाली-गलौज की थी।
समर्थकों ने मनाया जश्न
गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे निजी एसयूवी से कोर्ट ले गई। जमानत मिलने पर अभिनव के समर्थकों ने खुशी मनाई और फिर काफिला घर की ओर रवाना हुआ।
इस दौरान इंस्पेक्टर समेत तमाम पुलिसकर्मी अभिनव की आवभगत में जुटे रहे। इसकी भनक मीडिया को न लगे इसके लिए भरपूर इंतजाम किया गया था। खुद इंस्पेक्टर चिनहट विजयमल सिंह यादव ने इसकी कमान संभाल रखी थी। हालांकि उन्होंने पूछे जाने पर इससे इन्कार किया।