मोहनलालगंज के मानखेड़ा गांव में शुक्रवार रात छापा मारने गई एसटीएफ की टीम पर हमला करने के आरोपी सपा नेता और जिला पंचायत सदस्य अरुण यादव को एसटीएफ की टीम ने शहीद पथ के कमता तिराहे से दबोच लिया। अरुण की तलाश में पुलिस टीम ने लखनऊ से कानपुर तक छापा मारा। अन्य आरोपियाें की तलाश में टीमें दबिश दे रही हैं।
एसीपी मोहनलालगंज विजयराज सिंह और इंस्पेक्टर अखिलेश मिश्र ने टीम बनाकर कई जगह दबिश दी। इसी दौरान पता चला कि उसने अपने दो करीबियों से रविवार शाम को काफी देर बात की है। अरुण ने दूसरा नंबर प्रयोग किया था जो अब बंद आ रहा था। बात करने वाले एक शख्स की लोकेशन कानपुर में मिली। इसके बाद ही पुलिस की एक टीम कानपुर पहुंच गई। सर्विलांस की मदद से ही अरुण के शहीद पथ के पास होने का पता चला था।
एसटीएफ के डिप्टी एसपी अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक, अरुण की सफारी गाड़ी भी बरामद कर ली गई है। सफारी बरामदगी के दौरान गोलू यादव नाम के युवक को भी पकड़ा गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। इस गाड़ी को उसने अपने एक परिचित के यहां खड़ी कर दी थी। अरुण ने अपने साथियों के बारे में कई जानकारियां दी है।
शुक्रवार रात को एसटीएफ ने मारा था छापा
एसीपी विजय राज के मुताबिक, मानखेड़ा स्थित अरुण के अहाते में शुक्रवार की रात एसटीएफ टीम ने दबिश दी थी। वहां अरूण के इशारे पर टैंकर चालक ने टीम में शामिल पुलिसकर्मियों को कुचलने का प्रयास किया। टैंकर से बचने के बाद 30-40 हथियार से लैस गुर्गों ने हमला बोल दिया। एसटीएफ ने मौके से सपा नेता के भाई सौरभ यादव और टैंकर चालक मो. मोहसिन को गिरफ्तार कर लिया। वहीं मौके से भारी मात्रा में पेट्रोल, डीजल व डिनेचर्ड स्प्रिट बरामद की थी। इस मामले में एसटीएफ ने सपा नेता अरुण यादव सहित सात के खिलाफ नामजद और 40 अज्ञात पर हत्या केप्रयास सहित कई संगीन धाराओं में केस दर्ज कराया था।