कालेज की एक छात्रा से गैंगरेप कर उसका अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने के एक मामले में सीबीआई ने यूपी एसटीएफ की सहायता से मुख्य आरोपी समेत कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
मुख्य आरोपी को मुजफ्फरनगर के भोपा व बाकी के पांच को सहारनपुर से बड़गांव के पास से दबोचा गया। इनकी गिरफ्तारी पर एक लाख का इनाम घोषित था। सीबीआई को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का खुलासा करने की जिम्मेदारी सौंपी थी।
फरवरी 2015 में हैदराबाद के एक निजी संगठन प्रज्जवला ने इंटरनेट पर वायरल हुई कुछ वीडियो क्लिपिंग के सिलसिले में सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी, जिस पर अदालत ने सीबीआई को जांच के निर्देश दिए थे।
सीबीआई ने इस प्रकरण में कुल आठ मुकदमे दर्ज किए थे। इनमें से एक मामला यूपी का था। इस वीडियो में दुराचार में शामिल युवकों को चिह्नित करने पर पाया गया कि एक मुजफ्फरनगर के भोपा का सुमित व बाकी के पांच युवक सहारनपुर के बड़गांव के हैं।
ऐसे लगाया गया पता
इसके बाद सीबीआई अफसरों ने यूपी एसटीएफ से सहयोग मांगा था। एसटीएफ ने इनको चिह्नित कर उनकी लोकेशन हासिल कर ली। इसके बाद सीबीआई ने सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
फरवरी 2015 में हुई वारदात का वीडियो मार्च में वायरल किया गया था। वीडियो में दिख रहे युवक पश्चिम उत्तर प्रदेश की भाषा बोल रहे थे, पर सीबीआई उन्हें चिन्हित नहीं कर पा रही थी।
वीडियो क्लिप जिस आईपी नंबर से भेजी गई, उसका पता करने पर सामने आया कि यह नंबर सहारनपुर व मुजफ्फरनगर में सक्रिय रहा है। इसके बाद इन युवकों का पता कर दबोचा जा सका।
लड़के के साथ था प्रेमी
इस मामले में अभी तक की जांच में पता चला है कि वीडियो एक वर्ष पुराना है और यह युवती एक कालेज की छात्रा थी। वारदात के दिन वह अपने प्रेमी के साथ उसकी बाइक से आई थी। दोनों गन्ने के खेत में मौजूद थे, जहां उन्हें आपत्तिजनक अवस्था में देखकर वहीं के सुमित व उसके साथियों ने दबोच लिया।
इसके बाद इन युवकों ने युवती के प्रेमी के साथ मारपीट की और युवती से दुराचार कर उसकी वीडियो भी बना ली। बाद में इस वीडियो को वायरल कर दिया।
दुराचार करने व वीडियो बनाने में सुमित के साथ उसके दोस्त संजय पुत्र धर्मपाल सिंह, नीरज कुमार पुत्र बाबू राम, अनुज पुत्र नेत्रपाल, विनोद पुत्र भोपाल तथा राजेंद्र पुत्र फेरू सिंह शामिल हैं।
यह पांचों ग्राम बड़गांव थाना बढ़गांव (सहारनपुर) के रहने वाले हैं। सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में सीबीआई के एएसपी एन कृष्णमूर्ति, डीएसपी अमित कुमार व निरीक्षक दीपक कुमार व एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक अजय सहदेव व उनकी टीम शामिल थी।