गाजियाबाद के उखलारसी गांव में श्मशान घाट की नई बनी छत गिर जाने से परिजन के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए 24 लोगों की मौत और लगभग 20 के घायल होने की घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एसआईटी ने अपनी चार्जशीट विशेष न्यायाधीश मनोज पांडेय की कोर्ट में दाखिल कर दी।
एसआईटी में मुरादनगर नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी निहारिका सिंह चौहान, नगर पालिका परिषद के रिटायर्ड अवर अभियंता चंद्रपाल सिंह, श्मशान घाट की छत बनवाने वाले ठेकेदार अजय त्यागी, संजय गर्ग और सुपरवाइजर आशीष को जिम्मेदार ठहराया गया है।
एसआईटी ने चार्जशीट दाखिल करके बताया है कि इन पांचों आरोपियो के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले हैं। लिहाजा इन पांचों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा रही है। हालांकि, अन्य आरोपियो के खिलाफ अभी भी विवेचना जारी है।
बताया गया कि मामले की रिपोर्ट गाजियाबाद के मुरादनगर थाने में गत 3 जनवरी को दर्ज की गई थी जिसमें बताया गया था कि मुरादनगर के उखलारसी गांव में बम्बा रोड स्थित श्मशान घाट में नगर पालिका परिषद द्वारा छत का निर्माण कराया गया था।
कहा गया कि 3 जनवरी को श्मशान घाट की नवनिर्मित छत के गिरने से परिजन का अंतिम संस्कार करने आये 24 लोगों की मौत हो गई। जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद विवेचना के दौरान मुरादनगर नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी निहारिका सिंह चौहान, नगर पालिका परिषद के रिटायर्ड अवर अभियंता चंद्रपाल सिंह, ठेकेदार अजय त्यागी, संजय गर्ग और सुपरवाइजर आशीष को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था।
इसी दौरान सरकार ने मामले की विवेचना गाजियाबाद पुलिस से लेकर एसआईटी को सौंप दी थी जिस पर एसआईटी ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की और सबूत इकट्ठा करने के बाद आरोपियो के खिलाफ गैरइरादतन हत्याएं, तोड़फोड़ व सरकारी धन का गबन करने समेत अन्य आरोपों में चार्जशीट दायर कर दी।