तिहाड़ जेल में बंद सीरियल किलर भाइयों सलीम, रुस्तम और सोहराब ने राजधानी में फिर से सिर उठाना शुरू कर दिया है। सीरियल किलर भाइयों के गुर्गों ने तीन मार्च को वजीरगंज के मल्लाहीटोला निवासी कागज कारोबारी रईस अहमद को धमकी दी।
उसके गुइन रोड स्थित ऑफिस आकर पर्ची में एक मोबाइल नंबर और सीरियल किलर भाइयों का नाम लिखते हुए उनसे बात करने के लिए कहा। घबराए कारोबारी ने अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी से मिलकर पूरा मामला बताया, जिसके बाद सीरियल किलर भाइयों के खिलाफ वजीरगंज कोतवाली में केस दर्ज किया गया।
क्राइम ब्रांच को पड़ताल में लगाया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिम ने बताया कि कारोबारी को एक मार्च से तीन मार्च तक धमकीभरे कई फोन कॉल आए थे। ट्रयू कॉलर पर एक मोबाइल नंबर पर रुस्तम नाम लिखकर आ रहा था।
व्यापारी ने कोई भी फोन कॉल रिसीव नहीं की। तीन मार्च की दोपहर करीब ढाई बजे उसके गुइन रोड स्थित ऑफिस में तीन बदमाश आ धमके। उस वक्त रईस ऑफिस में नहीं था। बदमाशों ने एक पर्ची में 7065877835 मोबाइल नंबर और सलीम, रुस्तम व सोहराब सदर लिखते हुए कर्मचारियों को थमा दिया।
बदमाशों ने कहा कि यह पर्ची रईस को दे देना और उससे पर्ची पर लिखे मोबाइल नंबर पर बात करने को कह देना। शाम को रईस अपने ऑफिस पहुंचा तो कर्मचारियों ने पर्ची दी। रईस को मामला गंभीर लगा और परिवारीजनों व साथियों से राय-मश्विरा करने के बाद वह पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचे। उनकी तरफ से केस दर्ज कर क्राइम ब्रांच और सर्विलांस समेत पुलिस की अन्य टीमों को जांच में लगाया गया है।
फुटेज में दिखे सीरियल किलर भाइयों के गुर्गे
रईस के ऑफिस में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। पुलिस ने तीन मार्च की दोपहर की फुटेज निकलवाई तो उसमें सीरियल किलर भाइयों का पैगाम लेकर आए तीन बदमाश नजर आ गए। पुलिस तीनों की पहचान करने में जुटी है।
पहले भी कारोबारियों से मांगी है रंगदारी
सीरियल किलर भाइयों ने इससे पहले भी अपने गुर्गों के जरिए कारोबारियों से रंगदारी मांगी है। उनकी दहशत के चलते कई कारोबारियों ने केस तक दर्ज नहीं कराया। हालांकि, कई महीने से सीरियल किलर भाइयों का गैंग शांत है। पुराने लखनऊ में पुलिस ने सलीम, रुस्तम और सोहराब के कई गुर्गों को जेल भेजकर उनका नेटवर्क तोड़ दिया था। अब वह फिर से सक्रिय हो गया है।