जेल में आत्महत्या की आशंका के मद्देनजर माज हत्याकांड के आरोपी बर्खास्त इंस्पेक्टर संजय राय की चौकसी बढ़ा दी गई है। जेल प्रशासन ने संजय को तीसरी आंख (सीसीटीवी कैमरे) की नजर में रखने का फैसला किया है।
जेल अधीक्षक दधीराम मौर्या ने संजय को हाई-सिक्योरिटी बैरक से हटाकर कोरनटाइन बैरक के पास एक विशेष बैरक में रखा है। साथ ही एक डिप्टी जेलर व बंदीरक्षक की ड्यूटी लगाई गई है।
संजय पर चौबीस घंटे नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के चलते एक सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है। जेल प्रशासन संजय के मुलाकातियों पर भी खास नजर रखे है।
संजय से पहले इस बैरक में पूर्व सीएमओ अनिल शुक्ला भी बंद रह चुके हैं। मालूम हो कि संजय ने हताशा में आत्महत्या करने का बयान दिया था।
डिप्रेशन में तो नहीं संजय!
ऐसा भी लग रहा है कि संजय राय अंदर ही अंदर घुटता जा रहा है। उसे इस बात का भी मलाल है कि एक वक्त वह पुलिस का हीरो कहा जाता है और आज वही मुजरिम बना बैठा है।
उसने पिछले दिनों कहा भी कि अगर जिंदगी रही, तो फिर मुलाकात होगी। इससे साफ जाहिर है कि वह काफी डिप्रेशन के दौर से गुजर रहा है।