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स्कूल ड्रेस में निकला था जींस-टीशर्ट में मिली लाश

Wed, 08 Apr 2015 11:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
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बछरावां के लखनऊ-रायबरेली रेलखंड पर बगाही गांव के पास मंगलवार सुबह कक्षा नौ के छात्र अमित यादव (15) का शव मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना पाकर पहुंचे बछरावां एसओ ने कपड़ों की तलाशी में मिले आईकार्ड से मृतक की पहचान की।
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एसओ ने बताया कि अमित लखनऊ के खरिका तेलीबाग स्थित लौंगाखेड़ा गांव निवासी सिक्योरिटी गार्ड सुनील यादव के बेटा था और वृंदावन सेक्टर पांच स्थित सेंट फ्रांसिस मिशन स्कूल में पढ़ता था।

सोमवार सुबह वह स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकला था। अमित वार्षिक परीक्षा में हिंदी को छोड़कर सभी विषय में फेल हो गया था। सुनील ने हत्या कर शव रेलवे ट्रैक पर फेंकने का आरोप लगाया है। सुनील ने बताया कि अमित सोमवार सुबह स्कूल ड्रेस पहनकर बैग लेकर घर से निकला था।
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कौन था चाचा, जो स्कूल से ले गया

दोपहर में उसने पिता को फोन कर एक दोस्त की बर्थडे पार्टी में जाने की बात कही। शाम तक वह घर लौटकर नहीं आया तो परिवारीजनों ने खोजबीन शुरू की। हालांकि, उसका कुछ पता नहीं लगा।

सुनील ने बताया कि किस दोस्त का बर्थडे था, दोस्त कहां रहता है? इस बारे में अमित ने कुछ नहीं बताया। हालांकि, पुलिस इसे हादसा मान रही है। एसओ आरपी रावत ने बताया कि सुनील ने तहरीर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

सुनील का कहना है कि बेटे का पता न चलने पर उन्होंने स्कूल में संपर्क किया तो शिक्षकों ने बताया कि अमित को उसका चाचा दोपहर 12.30 बजे ही अपने साथ ले गया था। सुनील का कहना है कि उसका एक ही भाई है, जो लखनऊ में ही रहता है, लेकिन उसने अमित को ले जाने से इंकार किया है।

सवाल यह उठ रहा है कि आखिर वह कौन व्यक्ति था, जो चाचा बनकर छात्र के स्कूल गया और उसे अपने साथ लेकर चला गया। सुनील ने पुलिस से उस संदिग्ध चाचा के बारे में पता करने की मांग की है।

स्कूल ड्रेस और स्कूल बैग का अता-पता नहीं

सोमवार को अमित घर से स्कूल ड्रेस (खाकी पैंट और सफेद शर्ट) में निकला था, जबकि उसकी लाश जींस और शर्ट में मिली है। उसके स्कूल बैग का अता-पता नहीं है। परिवारीजनों ने बताया कि स्कूल की किताबें खरीदने के लिए उसने घर से 850 रुपये भी लिए थे जो उसके पास नहीं मिले।

अमित की स्कूल ड्रेस कहां है, उसने खुद ड्रेस बदली या उसे किसी ने दूसरे कपड़ने पहनवाए? यह सवाल ऐसे हैं जिसने घरवालों को ही नहीं, पुलिस को भी उलझा दिया है।

अमित की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मचा है। पिता सुनील यादव बार-बार बेटे की याद कर फफक पड़ते हैं। मूल रूप से रायबरेली के सरेनी थाना क्षेत्र के पूरे भगला मजरे रामपुर कला निवासी सुनील की पत्नी की दो साल पहले मौत हो चुकी है। उसके तीन बच्चे हैं।
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मां की मौत के बाद पढ़ाई में नहीं लगता था मन

मां की मौत के बाद से अमित का पढ़ाई से मन उचट गया था। वह स्कूल भी नहीं जाता था। रिजल्ट लेने भी नहीं गया। स्कूल के अकादमिक हेड केश चार्ल्स बताते हैं कि 18 मार्च को अंतिम पेपर के बाद से अमित स्कूल आया ही नहीं था।

उन्होंने बताया कि वह अक्सर स्कूल से गायब रहता था। पिता से शिकायत की गई लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया।

बेटे अमित की मौत के बाद सुनील पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा है। उन्होंने कहा अगर पता होता कि अमित कभी घर नहीं लौटेगा तो उसे जाने ही नहीं देता।

अमित की रहस्यमय मौत के बाद पुलिस अब उसके दोस्तों-करीबियों से पूछताछ की तैयारी कर रही है। पुलिस के मुताबिक अमित का सबसे करीबी दोस्त था सचिन। दोनों एक साथ रहते थे।

सचिन भी अमित के साथ ही नौवीं में फेल हो गया था। स्कूल के टीचर्स ने बताया कि सचिन 31 मार्च को स्कूल आकर अपना रिजल्ट ले गया था लेकिन अमित नहीं आया।
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