नीली बत्ती लगी बुलेरो कार से आए बदमाशों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए बुधवार रात जमकर तांडव किया।
दो गांव के छह मकानों में घुसकर बदमाशों ने महिलाओं और बुजुर्गों की पिटाई की और लाखों रुपये के जेवर-नकदी ले गए। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
जानकारी के मुताबिक, बदमाश सबसे पहले इटौंजा के अर्जुनपुर गांव के मकान में घुसे थे। शोर मचने पर प्रधान यशपाल सोनवानी व अन्य ग्रामीणों के जागने से बदमाश भाग गए।
यहां से बदमाश इसी गांव के मजरा चतुराबाग में किसान रामप्रसाद गौतम के घर से 5000 रुपये नकद, मोबाइल फोन और एक लाख के जेवर ले गए।
बदमाशों ने पास में ही राम प्रसाद गौतम के चचेरे भाई रामलोटन के घर का दरवाजा खुलवा कर उसे व मां रामकली, पुत्र पंकज को मारापीटा और हजारों की नकद व जेवर ले गए।
इसके बाद बदमाश रामलोटन के सगे भाई बहादुर गौतम के घर घुसे और उसे व उसकी पत्नी गुड़िया को मारपीट कर नकदी-जेवर समेट लिए।
इसके बाद बदमाशों ने पास में ही रहने वाले एक अन्य किसान राजेश कुमार गौतम के घर में घुसकर किसान व उसकी पत्नी सरोजनी की पिटाई कर 8,000 रुपये नकद व सोने-चांदी के जेवर लूट लिए।
इसके बाद बदमाश पास के गांव चक पृथ्वीपुर में किसान मुन्नीलाल रावत के घर पहुंचे। यहां मुन्नीलाल और उसकी पत्नी ललिता देवी को मारपीट कर घायल करके बदमाश नकदी-जेवर व मोबाइल फोन ले गए।
किसान शम्भूनाथ रावत के घर से भी कपडे़, मोबाइल व जेवर ले जाने का आरोप है। ग्रामीणों ने बताया कि बदमाश नीली बत्ती लगी बुलेरो से आए थे और उनकी संख्या आठ से दस के बीच थी।
पीड़ितों का कहना था कि बदमाशों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए किसानों पर लड़की भगाने व जुआ खिलवाने का आरोप लगाते हुए दबिश देने के बहाने घरों के दरवाजे खुलवाए थे।