गाजीपुर थाना क्षेत्र के रवींद्र पल्ली में रहने वाले इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर की शनिवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई।
शव बंद कमरे में बेड पर पड़ा था और सामान बिखरा पड़ा था। पुलिस ने बीमारी के चलते मौत की आशंका जताते हुए तहकीकात शुरू की है।
पुलिस के मुताबिक इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.अभिजीत सेन (60) रवींद्र पल्ली में छह कमरों के मकान में तन्हा रहते थे।
एक हिस्सा सीतापुर के सिधौली थाने के गांधीनगर निवासी मो.कासिम को किराए पर दे रखा था। कासिम दिल्ली की एक कंपनी में मैनेजर है।
कासिम ने पुलिस को बताया कि सुबह डॉ. अभिजीत से मिलने उनका कोई मित्र आया था। गेट से आवाज दी।
दरवाजा न खुलने पर लौट गया। आवाज सुनकर कमरे से निकले कासिम ने डॉ.अभिजीत का मोबाइल नंबर डॉयल किया। कॉल रिसीव न होने पर दरवाजा खटखटाया।
बावजूद इसके जवाब न मिलने पर पुलिस को सूचना दी और आसपास के लोगों को बुलाया।
सबने मिलकर बेडरूम का दरवाजा तोड़ा, अंदर बेड पर डॉ.अभिजीत मृत पड़े थे। उनके तन पर पैंट और शर्ट थी।
नाभि के पास हल्की चोट का निशान नजर आया। कमरे में दवाएं व कागज फैले पड़े थे।
पुलिस ने किराएदार व पड़ोसियों से तहकीकात की। पता चला कि डॉ.अभिजीत की पत्नी अनुराधा अपनी बेटी के साथ जयपुर में रहती हैं और बेटा बिल्लू पटना में किसी कंपनी में कार्यरत है।
पुलिस ने उन्हें फोन करके मौत की जानकारी देने के साथ शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
इस बीच पता चला कि डॉ. अभिजीत ने सुरक्षा की दृष्टि से पूरा घर सीसीटीवी कैमरे से कवर कर रखा था।
पुलिस कोड खोलने के लिए इंजीनियर की मदद ले रही है। फुटेज से स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।