फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यहां मोबाइल पर चल रहा हत्या और वसूली का धंधा

Sat, 12 Oct 2013 01:24 PM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदेश की जेलें अपराधियों के लिए आरामगाह बन गई हैं। चंद रुपयों की बदौलत अपराधी जेल में रहते हुए भी खुलेआम मोबाइल फोन के इस्तेमाल के साथ ही तमाम सुख सुविधाएं भोग रहे हैं।
विज्ञापन


जेल में अपराधियों के मोबाइल फोन से गैंग ऑपरेट करने का यह कोई पहला मामला नहीं है। पूर्वांचल के दो बहुचर्चित विधायकों के जेल में रहने के दौरान के किस्से आम हैं। जेल में माननीयों के दरबार सजते हैं।

दरबार में स्थानांतरण कराने व रुकवाने के लिए बड़े-बड़े अफसर सलामी बजाने पहुंचते हैं। यही नहीं, अंडरवर्ल्ड डॉन बबलू श्रीवास्तव जेल से मोबाइल फोन के जरिए रीयल स्टेट का कारोबार चला रहा है।
विज्ञापन


पढ़ें- नैनी जेल में छुपा था माज हत्याकांड का आरोपी

विश्वविद्यालय के छात्र राजनीति से विधायक व सांसद का सफर तय करने वाले माननीय तो सूबे की राजधानी स्थित जेल में नियमों की धज्जियां उड़ा दी थी। विरोध पर जेल अधीक्षक आरके तिवारी की हत्या करा दी।

जेल से मोबाइल फोन के जरिए वारदात कराने और वहां के अन्य खेलों के खुलासे के बाद भी जेल प्रशासन इस पर रोक नहीं लगा सका है।

यूपी में बढ़ रहे अपराध पर चिंता व्यक्त करते हुए पूर्व एडीजी (लॉ एंड आर्डर) अरुण कुमार ने अपने बयान में कहा था कि जेलों से अपराधी गैंग ऑपरेट कर रहे हैं। जब तक इन पर अंकुश नहीं लगेगा, अपराध कम नहीं होंगे।

एडीजी के बयान पर आईजी जेल आरपी सिंह ने अंगुली उठाते हुए आपत्ति जताई थी। मगर, यूपी के अधिकांश चर्चित हत्याकांड में जेलों में बंद अपराधियों की भूमिका आने पर खुफिया एजेंसियां परेशान हैं।
विज्ञापन


एजेंसियों ने जेल में बंद बाहुबली विधायक समेत कई बड़े अपराधियों पर नजर बना रखी है।

लखनऊ की और खबरों के लिए क्लिक करें...
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें