जानिए,बच्चों की मौजूदगी कैसे मार दी उनकी मां
कानपुर में बीते दिनों एक पुरोहित की बीवी की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस मामले में बेहद सनसनीखेज खुलासा हुआ है। जानिए, कैसे एक शक्की पति ने अपनी बीवी की जान ले डाली।
गुजैनी जे-ब्लाक में संध्या का कत्ल उसके ही पति पुरोहित शिव प्रकाश तिवारी ने किया था। पुलिस ने यह दावा करते हुए बताया कि पुरोहित को शक था कि संध्या मोहल्ले के एक युवक से नजदीकी बढ़ा रही है।
इसे लेकर दंपति में झगड़ा भी हुआ था। मोबाइल कॉल रिकार्ड और बदलते बयानों ने पुरोहित की पोल खोल दी। पुलिस ने गुरुवार को हत्या के आरोपी पुरोहित को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
संध्या (30) की हत्या 25 जून को उनके ही घर में की गई थी। उस वक्त दोनों बच्चे कमरे में टीवी देख रहे थे। शाम को हत्या का पता चला था। संध्या का शव किचन में पड़ा था।
पहले पुरोहित ने जेवर और 40 हजार रुपये की लूट होने की बात कही थी, बाद में रुपये मिलने पर पुलिस ने लूटपाट को सिरे से खारिज कर दिया था। पुलिस लाइन में गुरुवार को एसपी पश्चिमी राजेश.एस ने संध्या हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि पुरोहित को अपनी पत्नी पर शक था।
ऐसे हुआ पड़ोसी से फ्लाइंग किस का शक
पत्नी खुशमिजाज होने के नाते सभी से बात किया करती थी और पुरोहित को यह बात अखरती थी। एक दिन मोहल्ले के एक युवक और संध्या को किसी बात पर हाथ उठाता देख पुरोहित को फ्लाइंग किस करने का शक हो गया। इस बात पर घर में झगड़ा भी हुआ।
16 जून को संध्या अपने बहनोई के घर मैथा गई। वहां भी संध्या का बहनोई के साथ मजाक करना पुरोहित को नागवार गुजरा। गुस्से में वह वापस चले आए और संध्या को सबक सिखाने की बात मन में ठान ली।
एसपी ने बताया कि 25 जून को दूसरे की बाइक से पुरोहित दोपहर में लगभग सवा 12 बजे घर पहुंचे। संध्या कमरे के बाहर खड़ी थी। गुस्से में पुरोहित कमरे में आए फिर वापस शास्त्री नगर चले गए।
थोड़ी ही देर बाद फिर लौटे और संध्या को बहाने से किचन में बुलाया। पहले सिलबट्टे से फिर कैंची से वार कर मार डाला और चले गए। पुलिस का दावा है कि वारदात के बाद भी पुरोहित गुजैनी में ही कहीं थे।
पुलिस ने पुरोहित की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त सिलबट्टा भी बरामद कर लिया है। गुडवर्क टीम में गोविंदनगर एसओ विनोद कुमार मिश्र, एसआई अमित कुमार, हेड कांस्टेबल शिव भूषण दीक्षित, क्राइम ब्रांच साइबर सेल कांस्टेबल शिवराम यादव समेत आठ पुलिसकर्मी शामिल रहे।
बोला हत्यारा, नहीं है हत्या करने का दुख
पुरोहित पर पुलिस को एक शक और भी है हालांकि इसका प्रमाण वह पूरी तरह स्थापित नहीं कर सकी। पुलिस अफसरों का कहना है कि पुरोहित के कॉल रिकार्ड में तीन-चार महिलाओं से उनकी लंबी वार्ता का जिक्र है।
अब यह बातचीत पूजा-पाठ के चलते होती थी या कुछ और, यह तय नहीं हो सका है। पुलिस का मानना है कि हो सकता है संध्या को पुरोहित की महिलाओं से बातचीत पर ऐतराज हो और पुरोहित हत्या का कदम उठा लिया।
दामाद शिव प्रकाश ही हत्यारोपी है, यह मानने को संध्या के पिता देवी प्रसाद शुक्ला कतई तैयार नहीं थे। सीओ ओपी सिंह ने बताया कि जब उन्हें दामाद से सामना करने के लिए कहा गया तो बोले मेरा दामाद ऐसा नहीं कर सकता। बाद में जब दामाद ने खुद कबूल किया तो वह दामाद पर खीझे और उठकर चले गए।
शिव प्रकाश हत्यारोपी पुरोहित शिव प्रकाश तिवारी ने बताया कि कुछ परिस्थिति ही ऐसी बनी कि संध्या को मार दिया। इसका उसको कोई मलाल नहीं। जहां तक बच्चों के जीवन की बात है तो वे अपने भाग्य के मुताबिक जीवन जिएंगे।