चारबाग रेलवे स्टेशन से एक यात्री को अगवा करने के प्रयास के मामले में जीआरपी ने प्रमोद कुमार सिंह को वांछित की सूची में डाल दिया है।
तीन बार छापा मारने के बावजूद हत्थे न चढ़ने पर वांछित की सूची में शामिल कर मेमो फैजाबाद जिला पुलिस को भेज दिया है। अब फैजाबाद पुलिस भी प्रमोद की तलाश में जुटेगी।
वहीं, जीआरपी प्रमोद पर इनाम रखने की भी तैयारी कर रही है। गौरतलब है कि 12 अक्तूबर को पांच किलो सोना होने की सूचना पर प्रमोद के इशारे पर उसके गुर्गों ने पूरबिया एक्सप्रेस से एक यात्री को अगवा किया था।
हालांकि, चारबाग स्टेशन के बाहर जबरन गाड़ी में बैठाते समय जीआरपी की मुस्तैदी से यात्री बच गया। मौके से सुमित शर्मा हो धर दबोचा, जबकि उसके साथी गाड़ी समेत फरार हो गए।
गाड़ी नंबर के आधार पर तलाश में जुटी जीआरपी को एक के बाद एक सनसनीखेज जानकारियां मिलीं। पता चला कि गैंग बसों और ट्रेनों में सवार यात्रियों को निशाना बनाता था।
इसमें कई सफेदपोशों के नाम सामने आने के बाद मामले को दबाने के प्रयास शुरू हो गए। मिलते-जुलते नंबर की पांच गाड़ियां भी बरामद हुईं।
वहीं, जीआरपी ने बृहस्पतिवार को मामले के एक अन्य आरोपी अर्जुन यादव को चारबाग स्टेशन से धर दबोचा। सख्ती पर उसने पूरी जानकारी देने के साथ ही वारदात में इस्तेमाल गाड़ी भी ओसीआर परिसर से बरामद कराई।
इसके बाद जीआरपी ने फैजाबाद के तारून ब्लॉक की प्रमुख माधुरी सिंह के पति प्रमोद कुमार सिंह के खिलाफ अगवा करने के प्रयास का मामला दर्ज किया।
इंस्पेक्टर त्रिपुरारी पांडे ने तीन बार प्रमोद की तलाश में फैजाबाद में छापेमारी भी की, लेकिन बैरंग लौटना पड़ा। इसके बाद जीआरपी ने उसे वांछित घोषित करने के साथ ही फैजाबाद पुलिस को भी मेमो भेज दिया है।