डाक विभाग में कमीशन लेकर काले धन को सफेद करने का गोरखधंधा चल रहा है। काला को सफेद कर रहे आलमबाग डाकघर के तीन डाक सहायक केपी सिंह, सौरभ सिंह व रेनू इनकम टैक्स व डाक विभाग की छापेमारी में पकड़े गए।
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इनके पास से 80 हजार रुपये बरामद हुए जिसका हिसाब तीनों नहीं दे सके। यह रकम कहां से आई इसको लेकर तीनों से पूछताछ हो रही है।
पोस्टमास्टर अवधेश राम ने बताया कि सहायक डाक अधीक्षक विकास मिश्र और इनकम टैक्स की टीम ने हाल ही में छापेमारी की, जिसमें तीन डाक सहायकों के पास से अतिरिक्त धनराशि मिली। इनसे पूछताछ की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक डाककर्मी, एजेंट व दलालों की मिलीभगत से ग्राहकों की आईडी का इस्तेमाल पुराने नोटों को बदलवाने के लिए हो रहा है। यह गोरखधंधा आलमबाग ही नहीं, जीपीओ, चौक, इंदिरानगर, महानगर सहित मंडल के 127 डाकघरों में चल रहा है।
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लाइन में लगकर एजेंट लेते हैं टोह
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सूत्र बताते हैं कि जीपीओ, चौक, इंदिरानगर जैसे डाकघरों में एजेंट व दलाल लाइनों में लगकर टोह लेते हैं। ये एजेंट ग्राहकों की आरडी, बीमा वगैरह का काम देखते हैं।
लाइनों में लगने के बाद ग्राहकों से बातचीत में कमीशन लेकर नोट बदलवाने की बात कहते हैं। गर, बात बन गई तो कैश लेकर एक से दो दिन में नोट बदलवा देते हैं।
आईडी पर तारीख और रकम जरूर लिखें
डाक सेवा, निदेशक विवेक दक्ष ने ग्राहकों से अपील की है कि रुपये एक्सचेंज कराने के लिए आईडी देते वक्त, उस पर तारीख, सिग्नेचर व धनराशि जरूर लिख दें।
20 से 40 फीसदी कमीशन
नोट बदलवाने को लेकर दलालों के रैकेट सक्रिय हैं। इन दलालों में कर्मचारी नेताओं के गुर्गे भी शामिल हैं। दलाल 20 से 40 फीसदी कमीशन लेकर नोट बदलवा रहे हैं।
गड़बड़ी: 20 लाख जुड़वाकर दोबारा भिजवाई रिपोर्ट
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जीपीओ में दिनभर एक्सचेंज हुई रकम की रिपोर्ट डाककर्मी ने मुख्यालय को भेजी। कुछ देर बाद डाक विभाग यूपी परिमंडल के एक आला अधिकारी जीपीओ पहुंचे और करीब 20 लाख रुपये के फुटकर ले लिए। साथ ही पुरानी रिपोर्ट की जगह नई रिपोर्ट बनाकर भेजने को कहा। हालांकि चीफ पोस्टमास्टर ने ऐसे किसी भी वाकए से इन्कार किया है।
आमजन को सिर्फ धक्के...
एक तरफ कमीशन का खेल चल रहा है तो दूसरी तरफ आम ग्राहक धक्के खाने को मजबूर है। कभी छोटे नोट नहीं होने तो कभी कैश खत्म होने की बात कहकर उन्हें टरका दिया जाता है। सर्वर डाउन की समस्या से भी लोगों को दो-चार होना पड़ रहा है।
इस पर संचार राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार मनोज सिन्हा का कहना है कि डाकघरों में कमीशन लेकर काले धन को सफेद करने की शिकायत सोशल नेटवर्किंग साइट के जरिए मुझे भी मिली है। लेकिन आलमबाग डाकघर का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। जांच करवाकर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
शादी से पहले बैंकों के फेरे, नहीं मिले ढाई लाख
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- फोटो : अमर उजाला
शादी वाले परिवारों को ढाई लाख रुपये निकालने की छूट के बावजूद बैंकों के ‘फेरे’ लगाने को लोग मजबूर हैं। सोमवार को राजधानी में शादी का कार्ड लेकर बैंक पहुंचे किसी भी शख्स को यह रकम नहीं दी गई।
बैंक अफसरों ने परेशान लोगों को टका-सा जवाब दिया कि उनके पास ऐसा कोई आदेश नहीं है। सोमवार को बैंकों में भीड़ तो कम हुई लेकिन कैश की किल्लत रही। वहीं ज्यादातर एटीएम खाली होने से लोग पैसे के लिए एक से दूसरे एटीएम का चक्कर लगाते रहे।
तैयारी छोड़, लगा रहे बैंक का चक्कर
चौक निवासी अरबाज खान ने बताया कि उनकी बहन फरहा खान के निकाह में सिर्फ एक हफ्ता बचा है। कैश की कमी से सब तैयारियां अधर में लटकी हैं। उन्होंने बताया की उनका अकाउंट कैंपवेल रोड स्थित एसबीआई में है।
ढाई लाख रुपये निकालने के लिए वे शुक्रवार से बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं। बैंक के मांगने पर एफिडेविट भी उन्होंने दिया लेकिन फिर भी पैसा न होने की बात कहकर उन्हें टरका दिया गया। सोमवार को वह हजरतगंज स्थित मुख्य शाखा में पहुंचे तो यहां अधिकारी बोले कि आदेश वापस ले लिया गया है।
आर्मी में मेजर आलोक सक्सेना ने बताया कि उनकी बिटिया की शादी में तीन दिन ही बचे हैं और बैंक वाले कह रहे हैं कि ‘पीएम मोदी ने ढाई लाख वाली योजना बंद कर दी’।
शादी कार्ड और पासबुक लेकर बैंक कर्मी से बातचीत कर रहे आलोक ने बताया कि कर्मचारी आदेश का रोना रो रहे हैं और ऐसे में बेटियों की शादी अब कैसे होगी?
बैंक कर्मी कह रहे हैं कि जब तक आदेश था उन्होंने लोगों को पैसा दिया। वह सवाल उठाते हैं कि अब वही बताए कि बेटी को कैसे विदा करें।
जीवन की कमाई इसीलिए बचाकर रखी थी कि बेटी की धूमधाम से शादी करूंगा लेकिन नोटबंदी ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।