बाजार खाला के मेहंदीगंज में एक महीने पहले नशे में उपद्रव करने के आरोपी ने बुधवार रात अपने साथियों के साथ फिर बवाल किया। दरवाजा तोड़कर रिटायर्ड रेलकर्मी के घर में घुसने के साथ ही पत्नी और बेटियों को पीटा।
100 नंबर पर सूचना देने के बावजूद पुलिस देर से पहुंची। तब तक आरोपी जमकर तोड़फोड़ के बाद धमकी देता हुआ जा चुका था। पीड़ित के अनुसार चौकी इंचार्ज शिकायत अनसुनी करते हुए अभद्रता की।
साथ ही जेल में डालने की धमकी देते हुए सामान भी अस्त-व्यस्त कर दिया। रिटायर्ड कर्मी की बेटी ने बृहस्पतिवार को एसएसपी के साथ ही मानवाधिकार व महिला आयोग में शिकायत की है।
मेंहदीगंज पुराना शराब का ठेका निवासी रूप चंद साहू रिटायर्ड रेलकर्मी हैं। परिवार में पत्नी विद्या देवी,तीन बेटे व दो बेटियां हैं। बेटे अंकुर,अजय व विक्की कैटरिंग का काम करते हैं,जबकि बेटियां सुरभि साहू और सीता पढ़ रही हैं।
शिकायती पत्र में सुरभि ने कहा है कि बुधवार रात करीब 11 बजे इलाके में ही रहने वाले संजय यादव ने भोलू यादव,नरेश यादव,अतुल यादव,नीरज यादव व रवि यादव समेत अन्य अज्ञात के साथ उसके घर पर धावा बोला।
दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे और मारपीट के साथ तोड़फोड़ करने लगे। घर में माता-पिता और दोनों बहनें ही थीं। थाने फोन करने के बावजूद पुलिस नहीं पहुंची। इस बीच उसके भाई आ गए और तुरंत टिकैतगंज चौकी गए।
इस पर चौकी इंचार्ज शशिकांत ने समय मिलने पर आने की बात कहते हुए भगा दिया। पुलिस के पहुंचने तक आरोपी जा चुके थे। आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने आरोपी का पक्ष लेते हुए परिवार को धमकाना शुरू कर दिया।
विरोध करने पर सुरभि का हाथ मोड़ते हुए बदसुलूकी भी की। इतना ही नहीं बुजुर्ग पिता को धक्का दे दिया। गिरने से वे चोटिल भी हो गए। आरोपियों के उपद्रव और पुलिस के इस व्यवहार से पूरा परिवार दहशत में हैं।
खौफजदा सुरभि ने बृहस्पतिवार को एसएसपी के साथ ही मानवाधिकार व महिला आयोग को पत्र लिखकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है। 12 दिसंबर को संजय उसके घर के आगे शराब पीकर उपद्रव कर रहा था।
टोकने पर धमकी देते हुए चला गया, इसके बाद 15 दिसंबर को भी साथियों के साथ घर पर पथराव किया था। उधर,एसएसआई विनोद कुमार यादव का कहना है कि आरोप लगाने वाले परिवार ने ही संजय को पीटा है।
इससे उसके सिर में भी चोट आई है। इस मामले में संजय की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। वहीं युवती के आरोपों के बारे में जानकारी से इन्कार कर दिया।