लखनऊ पुलिस ने साफ कर दिया है कि थाईलैंड की युवती की रहस्यमय मृत्यु के मामले में वह कोर्ट के आदेश के बाद ही एफआईआर दर्ज करेगी।
मामले में सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर द्वारा मुकदमा दर्ज करने के लिए प्रेषित प्रार्थना पत्र पर थाना विभूतिखंड के दरोगा मनोज यादव ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में थाना गौतमपल्ली में एक एफआईआर दर्ज की गई है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में समाचार पत्रों से भी यह पता चला है कि आवेदिका ने मुक़दमा दर्ज करने के लिए सीजेएम कोर्ट लखनऊ में भी धारा 156(3) के तहत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है। अत: मामले में अब कोर्ट के आदेश के बाद ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
बता दें कि उनके द्वारा कोर्ट में दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा गया था कि इस मामले में
धारा 5 अनैतिक (व्यापार) निवारण अधिनियम 1956 के साथ 120B, 177, 201, 203, 465 and 466 आईपीसी का अपराध बन रहा है। जो कि संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है।
उन्होंने एफआईआर दर्ज नहीं करने पर उन्होंने लखनऊ पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया है। जिस पर सुनवाई होनी है। लखनऊ पुलिस का कहना है कि मामले में कोर्ट के आदेश के बाद ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा।