डकैतों से साठगांठ के आरोपी दो सिपाहियों को एसएसपी ने सस्पेंड कर दिया है और गिरफ्तारी के आदेश भी दिए हैं।
इसके साथ ही बीकेटी में सेतु निगम के कर्मचारियों को बंधक बना की गई लूट की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है।
एसएसपी प्रवीण कुमार ने बताया कि बीकेटी में सेतु निगम का सरिया लूटने वाले गिरोह से साठगांठ के चलते मड़ियांव थाने के कांस्टेबल देवेंद्र यादव व सत्येंद्र यादव को निलंबित कर दिया गया है।
इसके साथ विभागीय कार्रवाई के लिए सीओ से जांच कराई जा रही है।
इन दोनों सिपाहियों के साथ लूट का माल खरीदने के आरोपी तीन व्यापारियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए गए हैं। सरिया लूटकांड की तफ्तीश क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है।
अब तक की तहकीकात में दोनों सिपाही लूट का माल बिकवाने में संलिप्त पाए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि सेतु निगम के कर्मियों को बंधक बना हुई लूट के मामले में बीकेटी पुलिस व क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को सात बदमाशों को गिरफ्तार किया था।
पूछताछ मे पता चला कि लूटा माल कांस्टेबल देवेंद्र व सत्येंद्र की मदद से मड़ियांव व बीकेटी इलाके के तीन व्यापारियों को बेचते थे।
बीकेटी से लूटी गई सरिया भी इन्हीं को बेची थी। इस खुलासे के बाद दोनों सिपाही अंडरग्राउंड हो गए। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
एसएसपी ने कांस्टेबल देवेंद्र व सत्येंद्र यादव को निलंबित कर मामले की जांच सीओ को और सरिया लूटकांड की तफ्तीश क्राइम ब्रांच को सौंपी है।
पड़ताल में और राज उजागर होने की उम्मीद है। पता लगाया जाएगा कि सेतु निर्माण निगम का माल लूटने वाले गिरोह से सिर्फ दो सिपाहियों के ही तार जुड़े थे या महकमे के अन्य लोग भी शामिल हैं।
इसके अलावा लूट का माल खरीदने वाले व्यापारियों का भी पता लगाने के आदेश दिए गए हैं।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि बदमाशों के मोबाइल का कॉल डिटेल खंगालने पर दोनों सिपाहियों से बातचीत की पुष्टि हुई है।
सर्विलांस सेल को गिरोह के सभी बदमाशों के मोबाइल नंबरों का कॉल डिटेल खंगालने का जिम्मा सौंपा गया है। पता लगाया जा रहा है कि बदमाशों की किन पुलिसकर्मियों से बात होती थी।