उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के बिसवां कोतवाली में नेपाल से बिहार के जरिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में जाली करेंसी का गोरखधंधा करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए क्राइम ब्रांच व बिसवां पुलिस टीम ने जाली नोट के सरगना समेत चार सौदागरों को दबोचा है।
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पुलिस टीम ने इनके पास से पांच सौ के एक लाख 30 हजार जाली नोट व पांच मोबाइल भी बरामद किए हैं। इस गिरोह का मुख्य सरगना लोकसभा चुनाव के दौरान उत्तराखंड में भी दबोचा जा चुका है।
इस वक्त वह देहरादून की जेल में है। एसपी ने पुलिस टीम को पांच हजार नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस अधीक्षक श्रीपर्णा गांगुली ने रविवार को पुलिस लाइंस में बताया कि जिले में जाली करेंसी का धंधा चलने की सूचना मिली थी।
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इसके खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच टीम को लगाया गया था। पूछताछ में सामने आया है कि इन सौदागरो एक लाख के नकली वोटो के बदले 53 हजार असली नोट मिलते थे।
ऊंची बोली लगती थी जाली नोटों की
टीम ने सक्रियता से काम करते हुए रविवार को बिसवां कोतवाली क्षेत्र में शारदा नहर पर चंदन-महमूदपुर जाने वाली नहर पटरी चार लोगों को धर दबोचा।
इनके पास से 500 के एक लाख 30 हजार जाली भारतीय नोट और पांच मोबाइल बरामद हुए हैं।
पकड़े गए लोगों में लखीमपुर खीरी जिले के फूलबेहड़ क्षेत्र के कोड़री निवासी सरगना शमसाद के अलावा बिसवां के पक्का कटरा निवासी मुख्तार खां, सदरपुर के जहांगीराबाद निवासी मो. युसुफ, बिसवां के चंदनपुर निवासी चम्मन खां शामिल हैं।
एसपी ने बताया कि इस टीम का सरगना शमसाद नेपाल से बिहार के जरिए आने वाले जाली नोट को भागलपुर से लाकर सीतापुर के अपने उक्त साथियों के जरिए बाजार में उतारता था।
उत्तराखंड में भी फैला था जाल
एसपी के अनुसार ये लोग सीतापुर, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद के अलावा उत्तराखंड में भी जाली नोट की सौदागरी करते थे।
लोकसभा चुनाव के वक्त इस गिरोह का मुख्य सरगना मो. यासीन देहरादून में जाली नोट के कारोबार में दबोचा जा चुका है। वह इस वक्त जेल में है।
जाली करेंसी के इन सौदागरों को दबोचने में क्राइम ब्रांच टीम के एसआई हरमीत सिंह, अंजनी कुमार पांडेय, नंद कुमार तिवारी, आरक्षी अब्दुल राफे, अंकित जावला, विपिन कुमार, रवि वर्मा, अभिषेक कुमार के अलावा बिसवां पुलिस ने का भी योगदान रहा।
एसपी ने कहा कि इस टीम को उनकी ओर से पांच हजार नकद पुरस्कार दिया जाएगा। साथ ही उच्च अधिकारियों से भी इनकों पुरस्कृत करने की पैरवी की जाएगी। इस मौके पर एएसपी जगदीप सिंह, सीओ दीपेंद्र नाथ चौधरी व एसके सिंह आदि मौजूद थे।
पुलिस के निशाने पर खरीदार
जाली करेंसी की सौदेबाजी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने के बाद अब पुलिस के निशाने पर खरीदार हैं।
एसपी श्रीपर्णा गांगुली ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि आरोपियों ने सीतापुर के अलावा लखीमपुर के धौरहरा, फूलबेहड़, ईसानगर व सिसैया आदि क्षेत्रों में जाली नोट दिए हैं।
पुलिस टीम को इन क्षेत्रों में लगा दिया गया है। जिन लोगों ने जाली नोट लिए हैं उनकी भी तलाश की जा रही है। इस धंधे से जुड़े लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
खुफिया विभाग भी इन लोगों से पूछताछ करेगा। इन लोगों की पहुंच कहां तक है और इनका नेटवर्क किस तरह और कहां-कहां काम कर रहा है।
क्राइम ब्रांच द्वारा आरोपियों को दबोच कर बरामद की गई नकली भारतीय करेंसी देखकर आसानी से कोई भी उसके नकली होने का अंदाजा नहीं लगा सकता।
नोट देखकर कहीं से नहीं लगता वह नकली हैं। असली नोट की तरह कागज, वैसी ही मोहर व गवर्नर के दस्तखत, सब कुछ वैसा ही निकला, जैसा असली नोट में होता है।
नकली नोट के सौदागरों ने इस कदर दिमाग लगा कर नोट बनाया है, जिससे आम आदमी तो दूर अच्छे जानकार भी उसे नहीं पहचान सकते। जानकार बताते हैं कि बैंक भी कभी-कभी धोखा खा जाते हैं।
एक पुलिस अफसर का कहना है कि उन्हें तो एटीएम के जरिए ही नकली नोट मिल गया था। पहचान होने के बाद वह नोट अभी भी उनके पास पड़ा है।