पुलिस लाइन में मंगलवार सुबह 11वीं वाहिनी पीएसी के कैंप में फॉलोअर की जमकर पिटाई हुई।
चंदा मांगने के आरोप में वाहिनी के प्लाटून कमांडर, हवलदार और पहरा संतरी ने पीटने के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया। प्लाटून कमांडर ने उसके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई है।
जानकारी पर महानगर थाने पहुंचे फॉलोअर के साथियों ने फर्जी आरोप लगाने की बात कही है।
पीएसी की 35वीं वाहिनी में तैनात फॉलोअर कृष्ण मुरारी पाल पुलिस विभाग चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष और राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद (एसपी तिवारी गुट) के उपाध्यक्ष हैं।
पुलिस लाइन स्थित 11वीं वाहिनी के कैंप से एक फॉलोअर ने मंगलवार सुबह उन्हें फोन किया था। इस पर करीब 11 बजे पाल पुलिस लाइन पहुंचे। फॉलोअर से बात कर रहे थे कि प्लाटून कमांडर उदयवीर सिंह आ गए।
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आरोप है कि उन्होंने हवलदार और पहरा संतरी के साथ मिलकर पाल को पीटना शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस के पहुंचने से पहले ही प्लाटून कमांडर फॉलोअर को लेकर महानगर थाना जा चुके थे।
उधर, अध्यक्ष की पिटाई की खबर मिलते ही रामलाल गौड़, एसएस पांडे, सहित दो दर्जन फॉलोअर महानगर थाने पहुंच गए।
इंस्पेक्टर महानगर सतीश कुमार गौतम ने बताया कि प्लाटून कमांडर उदयवीर सिंह ने पाल के खिलाफ चंदा वसूलने और इन्कार करने पर मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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साथ ही आरोप है कि पाल यूनियन बनाकर अफसरों पर दबाव डालता है। इसी के चलते उसे बर्खास्त भी किया जा चुका है, हालांकि कोर्ट के आदेश पर वह फिर से नौकरी पर आ गया।
उधर, फॉलोअरों ने पाल को फर्जी मामले में फंसाने का आरोप लगाया है। कहना है कि प्लाटून कमांडर फॉलोअर का शोषण करते हैं।
20 नवंबर को इसी के चलते विधान भवन के सामने फॉलोअरों का धरना है, जिसकी अनुमति डीएम से ली जा चुकी है। पोल खुलने के डर से पाल को फर्जी मामले में फंसाकर गिरफ्तार कराया गया है।