फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखनऊ में पकड़ा गया पाकिस्तानी ISI एजेंट

Wed, 04 Mar 2015 12:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
जाली नोटों के कारोबार का सरगना डॉ. समीर उर्फ अली अहमद चार साल बाद मंगलवार को फिर एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया। नाका इलाके से उसे 12 हजार रुपये के जाली नोटों के सैंपल के साथ दबोचा गया।
विज्ञापन


पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का यह गुर्गा अप्रैल 2011 में कचहरी में पेशी के दौरान सिपाही को चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर भाग निकला था। एसटीएफ ने सभी जांच एजेंसियों को उसकी गिरफ्तारी की सूचना दे दी है।

साथ ही समीर से गोपनीय स्थान पर पूछताछ कर रही है। उससे उसके नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। बिहार के पश्चिमी चंपारण जिला मुख्यालय बेतिया का रहने वाले समीर को एसटीएफ ने 13 अप्रैल 2010 को नाका इलाके से ही दबोचा था। वह लखनऊ जेल में बंद था।
विज्ञापन

सिपाही को नशीली चाय पिलाकर जेल से भागा था

बेहद शातिर समीर सात अप्रैल 2011 को एसीजेएम (चतुर्थ) की कोर्ट में पेशी के बाद वापस सेशन लॉकअप ले जाते समय सिपाही अरुण को चाय पिलाने का न्योता दिया।

धोखे में आया सिपाही चाय पीने रुका तो उसने चाय में नशीली दवा मिलाकर उसे पिला दिया। चाय पीकर अरुण के लुढ़कते ही वह भाग निकला था।

एसएसपी एसटीएफ अमित पाठक ने बताया कि समीर के पास से 12 हजार रुपये के सैंपल के जाली नोट बरामद किए गए हैं। बताया जा रहा है कि एटीएस ने जाली नोटों के सौदागर जावेद इकबाल शेख को पकड़ा था समीर उसका भी सरदार है।

समीर ने बिहार में कई आपराधिक मामले दर्ज होने पर वर्ष 2007 में नेपाल और उससे सटे बॉर्डर इलाके में अपना ठिकाना बना लिया था। इसी दौरान वह आईएसआई के संपर्क में आया और उसके इशारे पर काम करने लगा।
विज्ञापन

जाली नोट का सबसे बड़ा सप्लायर है ये शातिर

यही नहीं, वह जाली नोटों के सिंडिकेट से जुड़ गया और देश के भीतर तेजी से जाली नोटों को खपाने का नेटवर्क बनाने लगा। बताया जा रहा है कि धीरे-धीरे समीर उत्तर भारत में जाली नोटों का सबसे बड़ा सप्लायर बन गया। पर 2010 में लखनऊ में एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया।

एसटीएफ के अनुसार समीर के पास डॉक्टरी की कोई डिग्री नहीं है। इसके बावजूद उसने अपना नाम डॉ. समीर रखा हुआ है। जिससे वह लोगों को चकमा देकर उनके बीच घुल-मिल सके।

एसटीएफ के मुताबिक समीर उत्तर भारत का सबसे बड़ा जाली नोटों का सप्लायर है। वह अपने पास सिर्फ जाली नोटों का सैंपल रखता था। सैंपल को दिखाने के बाद सौदा पक्का होने पर नोटों की खेप पहुंचाई जाती थी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें