डॉ. एमसी सक्सेना मेडिकल कॉलेज के संचालकों पर एमबीबीएस की फीस के 10.50 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाते हुए ठाकुरगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। प्रभारी निरीक्षक दीनानाथ मिश्रा ने बताया कि आशियाना के कानपुर रोड निवासी माधुरी सचान की तरफ से केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक मूल रूप से पीलीभीत निवासी माधुरी के पति एनएल गंगवार यहां सिंचाई विभाग में हैं। उन्होंने वर्ष 2015-15 में बेटी स्मृति गंगवार का दुबग्गा स्थित डॉ. एमसी सक्सेना मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में दाखिला कराया था। उस वक्त उन्होंने 20 लाख रुपये फीस जमा की थी।
हालांकि, एमसीआई और कॉलेज के विवाद के चलते मान्यता रद्द हो गई और वहां एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं को छह महीने बाद ही निकाल दिया गया। फीस के रुपये वापस लेने को माधुरी ने दौड़धूप की तो कॉलेज संचालकों ने 9.50 लाख रुपये लौटाए।
शेष 10.50 लाख वापस नहीं मिले हैं। माधुरी का कहना है कि उनके पति की दोनों किडनी खराब हैं। वह बीमार रहते हैं, इसलिए दौड़-भाग नहीं कर सकते। वह देवर व पीलीभीत में ग्राम प्रधान राजेश गंगवार के साथ नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से मिलीं और समस्या बताई।
उन्होंने कॉलेज के चेयरमैन से फोन पर बातचीत कर 48 घंटे में फीस का पूरा रुपया लौटाने के लिए कहा था। हालांकि, चेयरमैन ने केंद्रीय मंत्री की बात को भी नजरअंदाज कर दिया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि कॉलेज के संचालकों पर रुपया हड़पने के आरोप में केस दर्ज कर लिया गया है।