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महिला कांस्टेबल के इस्तीफे ने बढ़ा दी अफसरों की मश्किलें

Thu, 09 Jan 2014 09:04 AM IST
विवेक त्रिपाठी, अमर उजाला ब्यूरो/लखनऊ
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एसओ पर आरोप लगाने वाली महिला कांस्टेबल के इस्तीफे ने अफसरों को कानूनी उलझन में फंसा दिया है।
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पुलिस एक्ट-1861 के सेक्शन नौ के मुताबिक किसी भी पुलिसकर्मी का इस्तीफा सीधे स्वीकार नहीं किया जा सकता।

इसके लिए संबंधित पुलिसकर्मी को दो माह पूर्व अपने एसपी को नोटिस देना होता है। महिला कांस्टेबल ने सीधे इस्तीफा दे दिया है, इसलिए अफसर कानूनी जानकारों की शरण में हैं।

माना जा रहा है कि पुलिस एक्ट ने अफसरों का खेल बिगाड़ दिया है। चर्चा है कि महिला कांस्टेबल का इस्तीफा स्वीकार करके पुलिस अफसर विभूतिखंड एसओ का मामला रफा-दफा करने की तैयारी कर रहे थे।
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पढ़ें- अफसरों ने साधी चुप्पी तो फिर फेसबुक पर बयां किया दर्द

विभूतिखंड थाना की महिला कांस्टेबल ने एसओ पंकज कुमार सिंह पर अश्लीलता और अभद्रता का आरोप लगाते हुए डीआईजी-एसएसपी को एसएमएस भेजकर शिकायत की थी। हालांकि,एसओ के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।

उल्टा महिला कांस्टेबल का तबादला करते हुए अफसरों ने उसके आरोपों को निराधार साबित करने की कोशिश शुरू कर दी। इससे क्षुब्ध महिला कांस्टेबल ने एसएसपी को फैक्स और लिखित इस्तीफा भेजा था।

सीओ गोमतीनगर विद्या सागर मिश्र ने बताया कि पुलिस एक्ट में इस्तीफे की गाइड लाइन तय है। एक्ट के सेक्शन नौ के तहत कोई पुलिसकर्मी स्वयं या अपनी इच्छा से सेवा से अलग नहीं हो सकता।

जिले के एसपी या अधिकृत अफसर के इस्तीफा मांगने अथवा अपने वरिष्ठ अफसर को दो महीने का नोटिस देने के बाद ही पुलिसकर्मी इस्तीफा दे सकता है। इस मामले में एक्ट की दोनों शर्तें पूरी नहीं हो रही हैं।

ऐसे में महिला कांस्टेबल का इस्तीफा स्वीकार होने के बाद मामला रफा-दफा करने की तैयारी में बैठे अफसरों का खेल पुलिस एक्ट ने बिगाड़ दिया है। अब एसओ पर लगे आरोपों की जांच में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

थानेदार बनने लायक नहीं एसओ
विभूतिखंड एसओ की शिकायत करने वाली महिला कांस्टेबल ने बुधवार रात अपना बयान दर्ज करा दिया। सीओ कैंट बबिता सिंह ने रात करीब आठ बजे उसके घर जाकर बयान लिए।

करीब दो घंटे तक उन्होंने महिला कांस्टेबल से बातचीत की। इस दौरान महिला कांस्टेबल ने एसओ की वॉयस रिकार्डिंग और डीआईजी-एसएसपी को भेजे गए एसएमएस भी दिखाए।

उसने कहा कि एसओ को तत्काल पद से हटाकर उसके कैरेक्टर रोल पर महिलाओं से किए गए व्यवहार की जानकारी लिखी जाए। महिला कांस्टेबल के बयान को लेकर बीते दो दिन से विवाद चल रहा था।

बयान के बाद सीओ ने एसओ के लिए सजा पूछी तो महिला कांस्टेबल ने उसे तत्काल हटाने और भविष्य में किसी भी थाने का चार्ज न देने की बात कही। महिला कांस्टेबल ने कहा कि पंकज कुमार सिंह थानेदार बनने लायक नहीं है।
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सीओ का कहना है कि एक-दो दिन में एसएसपी को रिपोर्ट भेजी जाएगी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि निलंबन के साथ ही एसओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी हो सकती है।
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