देसी तमंचे व बंदूक रखने वाले अपराधियों द्वारा फैक्ट्रीमेड कारतूस इस्तेमाल किए जाते हैं।
अभी तक किसी भी अपराधी के कब्जे से अवैध तरीके से बना कारतूस बरामद नहीं हुआ है। यानी फैक्ट्री में बने कारतूस अपराधियों तक पहुंच रहे हैं, जिनसे संगीन वारदात अंजाम दी जा रही हैं।
एसएसपी ने अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए ऑपरेशन कारतूस शुरू करने के आदेश दिए हैं।
सभी थानों की टीम इलाके के शस्त्र लाइसेंसधारकों व शस्त्र की दुकानों से कारतूस का ब्यौरा एकत्र करेगी। इसके अलावा इंटरनेट पर भी रिकॉर्ड खंगाला जाएगा।
एसएसपी प्रवीण कुमार ने बताया कि हर साल सैकड़ों अपराधी अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार होते हैं। इनके पास से फैक्ट्रीमेड कारतूस बरामद होते हैं। कारतूस के बारे में गहनता से पूछताछ न किए जाने से सप्लाई करने वालों पर कार्रवाई नहीं हो पाती।
अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए ऑपरेशन कारतूस शुरू कराया जा रहा है। सभी थाना प्रभारियों को इलाके के शस्त्र लाइसेंसधारकों से खरीदे गए कारतूसों का ब्यौरा एकत्र करने के आदेश दिए गए हैं। लाइसेंस धारक को इस्तेमाल किए जा चुके कारतूसों के खोखे दिखाने होंगे।
इतना ही नहीं बल्कि गोली दागने की वजह व स्थान भी बताना होगा। पुलिस की दुकानों से बेचे कारतूसों का ब्यौरा लेकर संबंधित लाइसेंसधारकों से जानकारी लेगी। दूसरे जिले के लाइसेंसधारकों द्वारा कारतूस खरीदने की स्थिति में ‘एनआईसी वेबसाइट’ के जरिए जांच-पड़ताल की जाएगी।
कारतूस का राज उगलेंगे अपराधी
किसी भी वारदात में शामिल या अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार अपराधी से संबंधित वारदात के बारे में पूछताछ के बाद थाने की क्राइम डिटेक्शन टीम उसके कब्जे से मिले कारतूस के बारे में पूछताछ करेगी। अपराधी को कारतूस उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति को भी बंदी बनाया जाएगा।
रद्द होंगे लापरवाहों के लाइसेंस
एसएसपी ने बताया कि कारतूसों का ब्यौरा न रखने वाले शस्त्र लाइसेंसधारकों व उनके करीबी लोगों के बारे में पड़ताल की जाएगी। कारतूसों के प्रति लापरवाही बरतने वाले व्यक्ति के जवाब से संतुष्ट न होने की स्थिति में उनके शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराने के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी।