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शादी का झांसा दे नाइजीरियन गैंग ने 36 लाख रूपये ठगे

Sun, 15 Nov 2015 01:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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मैट्रीमोनियल वेबसाइट पर ब्रिटिश नागरिक मार्क मैरीसन की फर्जी प्रोफाइल बनाकर ठगों ने राजधानी की एक रिसर्च स्कॉलर से  36,05,782 रुपये हड़प लिए। खुद को लंदन निवासी बताने वाले मार्क मैरीसन ने निशातगंज में रहने वाली रिसर्च स्कॉलर को फोन कर प्रेम का इजहार किया और लखनऊ में बसने की इच्छा जताई।
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झांसे में आकर युवती उसके बताए बैंक अकाउंट में रकम जमा कराती रही। रुपया लेकर ठग ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया तो युवती का माथा ठनका। उसने महानगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। मामले की जांच कर रही साइबर सेल ने मार्क मैरीसन की प्रोफाइल फर्जी पाई।

सेल के विशेषज्ञों के मुताबिक, ठगी का यह पैटर्न नाइजीरियन गैंग का है। साइबर सेल ने उन बैंक खातों की पड़ताल शुरू कर दी है, जिसमें युवती से रुपये जमा कराए गए थे। इसमें कई खाते अलग-अलग कंपनियों के भी हैं। ठगों की लोकेशन पता लगाने के लिए एक टीम लगा दी गई है।
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लंदन का मकान बेच रिसर्च स्कॉलर को पैसा भेजने का झांसा दिया
रिसर्च स्कॉलर ने बताया कि बीते वर्ष अक्तूबर में एक प्रतिष्ठित मैट्रीमोनियल साइट पर मार्क की प्रोफाइल देखकर उससे संपर्क किया था। मार्क ने मोबाइल फोन पर बातचीत शुरू कर दी। एक महीने तक मार्क उससे रोज फोन पर बातचीत करता रहा।

उसने बताया कि पिता वृद्ध हैं और बीमार रहते हैं। उसके एक बेटा है। लंदन में दो मकान हैं। एक मकान बेचकर वह राजधानी में बसना चाहता है। मार्क ने मकान बेचने से मिलने वाली रकम को रिसर्च स्कॉलर को भेजने की बात कहते हुए नवंबर के पहले सप्ताह में रिसर्च स्कॉलर के बैंक का अकाउंट नंबर ले लिया।

यूपी सरकार की सचिव बता महिला ने जमा कराए रुपये

रिसर्च स्कॉलर ने बताया कि मार्क को अकाउंट नंबर देने के बाद किसी अनीता राज का फोन आया। उसने खुद को उत्तर प्रदेश सरकार में सचिव बताते हुए कहा कि रुपया आपके अकाउंट में आ गया है। इसे लेने के लिए 3,74,531 रुपये जमा कराकर रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

13 नवंबर 2014 को यह रकम बताए गए अकाउंट नंबर पर जमा करा दी गई। रजिस्ट्रेशन के बाद रकम फंसने का झांसा दे 5,43,789 रुपये और जमा कराए गए। पीड़िता ने मार्क के कहने पर 23 दिसंबर को एएन इंटरप्राइजेज के अकाउंट में 45,005 रुपये डाले।

इसके बाद रेडी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के आईसीआईसीआई बैंक में कॉमर्शियल अकाउंट में 13,00006 रुपये जमा कराए। आईसीआईसीआई बैंक हैदराबाद के अकाउंट में 5,57,400 रुपये भेजे। टैक्स जमा करने के नाम पर मार्क ने ब्राइट सॉल्यूशन कंपनी के अकाउंट में 4,84,551 रुपये और मार्च 2015 में 2,51,00 रुपये और वसूले।

नौ अप्रैल 2015 को अंतत: मार्क ने रिसर्च स्कॉलर को मुंबई आने की जानकारी दी। उसने कहा कि लगेज ज्यादा है इसलिए कुछ रुपये भेज दो। पीड़िता ने उसे 49,500 रुपये और भेजे। इसके बाद मार्क और अनीता के मोबाइल नंबर हमेशा के लिए बंद हो गए।
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एक सप्ताह सदमे में रही रिसर्च स्कॉलर, थाना गई तो पुलिस ने भगाया

प्यार में धोखा और आर्थिक चोट से रिसर्च स्कॉलर एक सप्ताह तक सदमे में रही। उसने खाना-पीना और घर से निकलना छोड़ दिया। दिनभर मार्क का मोबाइल नंबर मिलाती रहती। इसी दौरान उसने पुलिस के पास जाने का फैसला लिया।

बीती 16 अप्रैल को वह शिकायत लेकर महानगर कोतवाली पहुंची, जहां पुलिसकर्मियों ने मजाक उड़ाते हुए उसे भगा दिया। इसके बाद पीड़िता भटकती रही। बाद में एसएसपी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच साइबर सेल को सौंपी गई।

साइबर सेल के प्रभारी जनार्दन दुबे ने बताया कि रिसर्च स्कॉलर से ठगी नाइजीरियन गैंग ने की है। कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिन पर काम चल रहा है।

कंप्यूटर लॉग और मोबाइल फोन की लोकेशन की पड़ताल में ठगों की लोकेशन दिल्ली में मिली है। जल्द उनकी तलाश में टीम रवाना की जाएगी।
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