राजधानी के हुसैनगंज क्षेत्र में रविवार रात हुए वृद्ध महिला पुष्पलता के मर्डर केस में पुलिस ने नौकर सुरेंद्र उर्फ छोटू को गिरफ्तार कर हत्या का खुलासा किया है।
ये हत्या पुष्पलता के भतीजे और शहर के बड़े व्यापारी नेता चंद्र प्रकाश छाबड़ा ने करायी थी। चंद्रप्रकाश शहर से महापौर का चुनाव भी लड़ चुका है।
पुलिस के अनुसार चंद्र प्रकाश छाबड़ा ने नौकर को 50 हजार रुपये का लालच देकर क्ले स्क्वायर इलाके में अकेले रह रहीं अपनी चाची की हत्या करवाई थी। चंद्रप्रकाश को डर था कि उसकी चाची अपनी करोड़ों की सम्पत्ति दूसरे भाइयों के नाम न कर दें।
चंद्रप्रकाश के नाम थी वसीयत
पुलिस के अनुसार पुष्पलता ने 5 मई 2011 में अपनी वसीयत तैयार करायी थी। इस वसीयत में उन्होंने इंदिरानगर में रहने वाले अपने भतीजे चंद्रप्रकाश के नाम अपनी करोड़ों की पूरी प्रापर्टी कर दी थी।
इधर, चंद्रप्रकाश से संबंध बिगड़ने पर पुष्पलता का इरादा बदल गया था और वह सम्पत्ति बेचना चाहती थीं। उन्होंने बंगले के लिए खरीदार भी ढूंढना शुरू कर दिया था।
साथ ही पुष्पलता बंगले के दूसरे हिस्से में रह रहे दूसरे भतीजे बल्देव छाबड़ा को तवज्जो देने लगी थीं। इसी से चंद्रप्रकाश ने यह हत्या की साजिश रच डाली।
बेडरूम में मिली थी खून से लथपथ लाश
लखनऊ के हुसैनगंज में योजना भवन के पास आलीशान बंगले में अकेली रहने वाली महिला पुष्पलता छाबड़ा (70) की रविवार देर शाम बेरहमी से हत्या हुई थी।
खून से लथपथ उनका शव बेडरूम में मिला था। उनके चेहरे और सिर पर किसी धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। पुलिस को पहले ही शक था कि संपत्ति के लालच मे हत्या की गई है।
पुष्पलता के पति जगदीश छाबड़ा की करीब 24 साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद से ही वह बंगले के एक हिस्से में अकेली रह रही थीं।