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रिटायर्ड इनकम टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर की रहस्यमय अंदाज में मौत

Fri, 10 Jul 2015 12:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
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वीवीआईपी इलाके हजरतगंज में बृहस्पतिवार को भोपाल हाउस स्थित फ्लैट में अकेले रहने वाले इनकम टैक्स के रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर आनंद रैना (92) की हत्या मामले में पुलिस को उनके किसी करीबी रिश्तेदार पर ही शक है।
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भोपाल हाउस के सेकेंड फ्लोर पर स्थित फ्लैट संख्या 12 में रहने वाले आनंद रैना हमेशा दरवाजा बंद रखते थे। पूछताछ में पता चला है कि वे सिर्फ अपनी देखभाल करने वाले रेखा, संतोष और परचून का सामान लेकर आने वाले दुकानदार के लिए ही फ्लैट का दरवाजा खोलते थे।

दिन में रेखा उनकी देखभाल करती थी तो रात आठ बजे के बाद संतोष। वैसे तो संतोष समय पर पहुंच जाता था पर देर होने पर नौकरानी रैना को अकेले छोड़कर चली जाती थी।
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संतोष अगर रात नौ बजे के बाद आता था तो आनंद दरवाजा नहीं खोलते थे। कई बार संतोष ने दरवाजा खुलने के लिए काफी इंतजार किया और लौट गया।

चूंकि बृहस्पतिवार को रेखा जल्दी चली गई थी,इसलिए पुलिस का मानना है कि उसके जाने के बाद अगर आनंद ने दरवाजा खोला तो आने वाला कोई उनका परिचित या करीबी ही रहा होगा। रैना के बेडरूम से पुलिस को एक डायरी मिली है,जिसमें कई रिश्तेदारों और परिचितों के नाम व फोन नंबर लिखे हैं। पुलिस ने डायरी को कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी है।

देर रात कुछ रिश्तेदारों-परिचितों को कोतवाली बुलाकर पूछताछ की गई। इस मामले में सीतापुर रोड निवासी रिश्तेदार गौरव की तरफ से हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

सामान बिखरा लेकिन लूटपाट से इन्कार

रैना के बेडरूम की आलमारियां खुली थीं और उनमें रखा सामान बिखरा हुआ था। हालांकि,पुलिस अफसरों ने लूटपाट से इन्कार किया है। अफसरों का कहना है कि फ्लैट में जो भी आया,वह हत्या के इरादे से ही आया था।

हालांकि,हत्या के पीछे की वजह अभी तक पता नहीं चल सकी है। शुरुआती छानबीन में पुलिस संपत्ति के विवाद में हत्या की आशंका जता रही है।

सीओ हजरतगंज अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि आनंद रैना की पत्नी राज की पांच साल पहले मौत हो चुकी है। वे पोषण विभाग में अफसर थीं। रैना दंपती के कोई संतान नहीं थी। रिश्ते का एक नाती गौरव लालबाग में रहता है।
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देखभाल के लिए गोद ले रखा था रेखा को

सीओ ने बताया कि रैना ने कई साल पहले आस्था संस्था से रेखा को अपनी देखरेख के लिए गोद ले रखा था। बाद में रेखा ने संस्था छोड़ दी और पूरी तरह से आनंद की देखरेख करने लगी।

संतोष भी काफी समय से रैना की सेवा कर रहा था। उसके पिता साबिद अली गोंडा में रहते हैं और वह यहां पुराना किला में लालता प्रसाद की कोठी के पीछे किराये पर रहता है। सीओ का कहना है कि साबित ने संतोष को गोद लिया था।

रैना की हत्या से भोपाल हाउस में दहशत का माहौल है। भोपाल हाउस नगर निगम का है और यहां के फ्लैट रिटायर्ड अफसरों को आवंटित किए गए हैं। सभी फ्लैट में रिटायर्ड अफसर परिवार के साथ रहते हैं। भोपाल हाउस का मेन गेट रात को लॉक कर दिया जाता है।

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