लखनऊ के आशियाना के संगम विहार कॉलोनी में एक युवक की हाथ-पैर बांधकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। शिनाख्त न हो सके इसके लिए उसका चेहरा जला दिया गया। उसका शव चारदीवारी से घिरे प्लॉट में फेंककर हत्यारे फरार हो गए। पड़ोस में रहने वाले बाबा भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय के रिटायर्ड सहायक कुलसचिव की छत पर खून से सना कपड़ा और निशान मिले हैं। पुलिस का मानना है कि हत्या तीन दिन पहले कर लाश फेंकी गई। युवक की शिनाख्त नहीं हो सकी है।
एसओ आशियाना राजकरन शर्मा के मुताबिक कॉलोनी निवासी जय सिंह की पत्नी छत पर कपड़े फैलाने गई थीं। दुर्गंध पर घर के पीछे प्लॉट की तरफ झांका तो शव पड़ा दिखा। जय सिंह ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। युवक के दोनों पैर सेलो टेप व साड़ी से बंधे थे। गले पर कसाव का निशान था। दाहिनी कलाई पर राखी के साथ पाइप कसा था और उस पर धारदार हथियार से चोट के तीन निशान थे। चेहरा जलाया गया था। शरीर पर बनियान, ग्रे-ट्राउजर व काली पैंट थी। दाहिने हाथ की अंगुली में मूंगा जड़ित अंगूठी थी।
रिटायर्ड सहायक कुलसचिव के छत से फेंका गया शव: पुलिस ने बाउंड्रीवाल पर कोई निशान नजर नहीं आने पर फोरेंसिक टीम बुलाकर आसपास के मकानों की छतों पर छानबीन की। इसी दौरान बीबीएयू के रिटायर्ड सहायक कुल सचिव निर्मल पीसी भिलवारिया के मकान की छत पर खून से सना कपड़ा व दो निशान और सिगरेट का बड मिला। छत पर खून के निशान, कपड़ा व रेलिंग पर रगड़ से पुलिस का मानना है कि शव उनकी छत से ही प्लॉट में फेंका गया।
बुजुर्ग ने पुलिस को बताया कि घर में वह अपने बेटे के साथ रहते हैं, जो सुबह काम पर चला जाता है। काफी समय से वह छत पर नहीं गए थे। इस पर पुलिस ने उससे सटे मकान की छत पर छानबीन के साथ वहां रहने वाले अजय सिंह व उनकी पत्नी मीना सिंह से तहकीकात की। गुत्थी न सुलझते देख एसओ राजकरन शर्मा ने उच्चाधिकारियों को जानकारी दी। सीओ कैंट तनु उपाध्याय मौके पर पहुंचीं।
शव के पास मिला ये सामान
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प्लॉट में अधजले शव से कुछ दूरी पर एक बैग मिला। उसमें चार जोड़ी कपड़े, टूथपेस्ट-ब्रश व जीभी मिली। पुलिस को शक है कि शव के साथ बैग भी फेंका गया। इससे पहले युवक की पहचान से जुड़ी वस्तुएं गायब कर दी गई।
बाउंड्रीवॉल तोड़कर निकाला शव
सड़क की तरफ पांच फीट ऊंची बाउंड्रीवॉल का एक हिस्सा तोड़कर पुलिस ने शव निकालकर मॉर्च्युरी भेजा। पड़ोसियों से पता चला कि प्लॉट कस्टम अधीक्षक एसके रक्षित की बहन का है। तीन तरफ मकान बनने पर उन्होंने सामने की तरफ बाउंड्रीवॉल बनवाई थी।
बड़ा सवाल: पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि युवक की हत्या की गई और शव छत तक कैसे लाया गया? तीन मकानों की छत आपस में सटी है। बहरहाल पुलिस इलाके में ही हत्या का राज छुपे होने को लेकर छानबीन कर रही है। युवक के पैरों पर बंधी साड़ी के बारे में कॉलोनी की महिलाओं से सुराग लगाने के लिए मुखबिर लगाए गए। कॉलोनी में अक्सर आवागमन वाले लोगों के बारे में छानबीन शुरू की गई।
बुजुर्ग ने कहा- काफी समय से छत पर गया ही नहीं
बुजुर्ग भिलवारियों ने पुलिस को बताया कि घर में वह अपने बेटे के साथ रहते हैं। बेटा सुबह काम पर चला जाता है। काफी समय से वे छत पर गए ही नहीं।
शक कहीं- अवैध संबंधों में तो नहीं हुआ कत्ल
जिस बेरहमी से युवक को मारा गया है पुलिस को शक है कि इसके पीछे गलत संबंध हो सकते हैं। बहरहाल पुलिस उसकी शिनाख्त में छुपी है।
लापता युवकों के कॉल डिटेल खंगालने में जुटी पुलिस
एसएसपी दीपक कुमार ने एएसपी सिटी उत्तरी अनुराग वत्स को विभिन्न स्थानों से लापता युवकों के कॉल डिटेल खंगालने के आदेश दिए। एसएसपी ने बताया कि राजधानी के सभी थानों से लापता व्यक्तियों के हुलिए से मिलान के साथ आसपास के जिलों की पुलिस को भी अज्ञात शव मिलने की जानकारी दी गई है।
पुलिस तहकीकात कर रही थी कि हैप्पी सिंह नामक युवक मौके पर पहुंचा। उसने सरोजनीनगर इलाके में एक महिला व दो बच्चों को लेकर भागे हरियाणा निवासी हरीश घइया का शव होने का अंदेशा जताया। पुलिस को मोबाइल फोन में उसका फोटो दिखाया। पुलिस हरीश के बारे में भी छानबीन कर रही है।