उपराष्ट्रपति की फ्लीट रिहर्सल के दौरान मेफेयर तिराहा के पास नो-पार्किंग जोन में खड़ी लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के राज्य मंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल की कार उठाने पर बुधवार दोपहर जमकर हंगामा हुआ।
सूचना पाकर पहुंचे राज्य मंत्री के ड्राइवर और एक कर्मचारी नेता ने ट्रैफिक पुलिस के कर्मचारी से अभद्रता की। विरोध करने पर हाथापाई पर उतारू हो गए। हालांकि,पुलिस ने 1100 रुपये का चालान काटने के बाद ही गाड़ी छोड़ी।
उपराष्ट्रपति की फ्लीट के रिहर्सल से पहले ट्रैफिक पुलिस की एक टीम दोपहर करीब एक बजे हजरतगंज क्षेत्र में सड़क किनारे खड़ी गाड़ियां हटवा रही थी।
मेफेयर तिराहा पर लालबत्ती लगी एक अंबेसडर कार (यूपी 32 बीजी 5940) खड़ी थी। पुलिस ने कार चालक को आसपास तलाशा,लेकिन वह नजर नहीं आया।
इसके बाद कार हटवाकर पार्क रोड चौकी पर खड़ी कर दी गई। दोपहर करीब तीन बजे कार का चालक एमएम जैदी चौकी पहुंचा और कार वहां लाने को लेकर तमतमा गया।
उसके साथ दो और लोग थे,जिसमें से एक खुद को चालक संघ का पदाधिकारी बता रहा था। जैदी व दूसरा व्यक्ति उसे तिवारी जी कहकर संबोधित कर रहे थे।
बताते हैं तिवारी ने मंत्री की कार उठाने पर हंगामा शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों से अभद्रता करने लगा। ट्रैफिक पुलिसकर्मी दिग्विजय के विरोध करने पर मारपीट करने लगा।
आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करने की कोशिश की तो चालक और तिवारी ने गालियां बकते हुए अंजाम भुगतने की चेतावनी दी।
दिग्विजय से सूचना पाकर कोबरा मोबाइल के सिपाही बजरंग बली व ट्रैफिक इंस्पेक्टर सहित अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए। हंगामा होता देखकर भीड़ एकत्र हो गई।
चालक ने मंत्री का नाम बताते हुए उन्हें दबाव में लेने की कोशिश की,लेकिन बात नहीं बनी। ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने कहा कि कार नो-पार्किंग जोन में खड़ी थी और उसमें चालक भी नहीं था।
चूंकि उपराष्ट्रपति की फ्लीट रिहर्सल होनी थी, इसलिए कार उठाकर पार्क रोड चौकी पर खड़ी कर दी गई जहां चालक ने पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। करीब एक घंटे हंगामा चलता रहा।