मोहनलालगंज क्षेत्र से एक वर्ष पहले चोरी हुई बाइक बरामद होने के बाद पुलिस की कार्यशैली सामने आ गई है। पुलिस ने जांच के दौरान चोरी की बात फर्जी बताते हुए फाइल बंद कर दी थी।
खुलासा तब हुआ जब शुक्रवार को बाइक खरीदने वाला एक मैकेनिक मालिक के घर पहुंचा और नाम ट्रांसफर कराने की बात कही। सकते में आया मालिक उसे पकड़कर थाने ले गया।
पूछताछ के बाद पुलिस बाइक बेचने वाले के घर पहुंची तो पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है। मोहनलालगंज के मुरलीनगर निवासी गगन मिश्रा करीब एक वर्ष पहले बाइक से मऊ गांव एक परिचित के घर गए थे।
मौका पाकर किसी ने उनकी बाइक उड़ा दी। काफी तलाश के बावजूद बाइक का कुछ पता न चलने पर उन्होंने चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने कुछ दिन मामला फर्जी बता फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी।
समय के साथ गगन भी बाइक की उम्मीद छोड़ चुके थे। इस बीच गोंडा के जरवल निवासी बाइक मैकेनिक शुक्रवार को अचानक गगन के घर पहुंचा। बाइक खरीदने के बात कहते हुए नाम ट्रांसफर कराने की बात कही।
इस पर गगन ने आसपास के लोगों की मदद से युवक को दबोच लिया और पुलिस के पास ले गए। पूछताछ में उसने मऊ गांव के आशीष नामक युवक से बाइक खरीदने की जानकारी दी।
पुलिस जांच के लिए गई तो पता चला कि उक्त युवक कुछ माह पहले ही मौत हो चुकी। इस बाद पुलिस ने मामले की दोबारा विवेचना शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर जावेद खान का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।