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कभी मंत्री तो कभी पीआरओ बनकर करता था ठगी, गिरफ्तार

Sun, 08 Jan 2017 01:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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पकड़ा गया जालसाज (लाल घेरे में) - फोटो : amar ujala
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कमांडो की वर्दी में छह निजी गनर व लालबत्ती की चार गाड़ियों का काफिला लेकर चलने वाले फर्जी राज्यमंत्री अभिषेक निगम को हजरतगंज पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया है।
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एक फर्जी मंत्री व दो महिलाओं समेत छह लोगों की तलाश जारी है। अभिषेक ने कभी कबीना मंत्री का पीआरओ, कभी खुद मंत्री तो कभी सचिवालय का अफसर बनकर कई व्यापारियों व उद्योगपतियों को सरकारी ठेके देने के बहाने करोड़ों की ठगी की थी।

दिल्ली की दो फैक्ट्रियों के मालिकों ने शुक्रवार को केस दर्ज कराए थे। खास बात यह कि विभिन्न थानों में उसके खिलाफ जालसाजी के छह मुकदमे पहले से दर्ज हैं। रसूख के चलते पुलिस पांच मुकदमों में बगैर गिरफ्तारी के चार्जशीट और एक में फाइनल रिपोर्ट लगा चुकी है।
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एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि क्राइम ब्रांच व हजरतगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने अनेक लोगों से करोड़ों की ठगी के आरोपी अभिषेक निगम उर्फ नीटू यादव को गिरफ्तार किया है।

बाजार खाला के टिकैत राय तालाब के पास रहने वाले अभिषेक की अमीनाबाद की गड़बड़ झाला बाजार में दोना-पत्तल की दुकान है। उसने होमगार्ड राज्यमंत्री, कबीना मंत्री का पीआरओ तो कभी सचिवालय का अधिकारी बनकर बड़े व्यापारियों व उद्योगपतियों को करोड़ों के सरकारी ठेके दिलाने के बहाने ठगी का शिकार बनाया।
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5 करोड़ की फिनायल-फ्लोर क्लीनर सप्लाई के ठेके का झांसा

अभिषेक ने खुद को चिकित्सा-स्वास्थ्य मंत्री का पीआरओ बताकर दिल्ली की मेसर्स वेलमेन हर्बल्स कंपनी के प्रबंधन को प्रदेश सरकार के अनेक विभागों में फिनायल व फ्लोर क्लीनर के पांच करोड़ के पांच सप्लाई आर्डर दिलाने के नाम पर ठगी का शिकार बनाया।

इस काम में उसने घसियारी मंडी, कैसरबाग स्थित वशीर अपार्टमेंट में रहने वाली अपनी साथी भावना अरोड़ा, उसके भाई सोनू अरोड़ा, असद, विवेक कुमार व एक अन्य की मदद ली। कंपनी के अधिकारियों को 2 नवंबर को एनेक्सी के प्रथम तल पर ले जाकर सप्लाई के फर्जी आदेश थमाए।

इसके एवज में उनसे अग्रिम लाइजन फीस के नाम पर 30 लाख रुपये नकद लिए। इससे पहले 28 अक्तूबर को प्रमुख सचिव चिकित्सा और स्वास्थ्य के नाम से 4 लाख का बैंक ड्राफ्ट लिया था।

इतना ही नहीं पांच सप्लाई ऑर्डर की सिक्योरिटी के नाम पर अपनी साथी भावना अरोरा के खाते में रकम जमा कराकर 52200 रुपये के हिसाब से 2.61 लाख के पांच ड्राफ्ट बनवाए जो गोमतीनगर की इंडियन ओवरसीज बैंक में विवेक कुमार के खाते में हस्तांतरित कराए थे। कंपनी के अधिकारी मनोज कुमार की शिकायत पर शुक्रवार को हजरतगंज में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
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स्कूल-लैपटॉप बैग के ऑर्डर के बहाने 40 करोड़ ऐंठे

अभिषेक ने खुद को मंत्री नीटू यादव, भावना अरोड़ा को सचिवालय की अधिकारी, उसके भाई सोनू को सचिवालयकर्मी, असद को अपना पीआरओ बताकर दिल्ली के रूपनगर स्थित अरुण इंडस्ट्रीज के पार्टनर अरुण सूद को 40 करोड़ के सप्लाई आर्डर के नाम पर ठगी का शिकार बनाया।

अरुण सूद व उनके साथी अनिल कृष्ण को प्रदेश सरकार की अत्यंत आकस्मिक आवश्यकता बताते हुए स्कूल बैग्स, लैपटॉप बैग्स व बर्तनों की सप्लाई से संबंधित 40 करोड़ के सप्लाई आर्डर का झांसा दिया। असद ने अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में उन्हें फोन किया।

मंत्री से करीबी संबंधों का हवाला देते हुए दस दिन के भीतर अग्रिम लायजन फीस के 20 लाख रुपये लेकर पहुंचने को कहा। अरुण ने 4 नवंबर को अनपे साथी अनिल कृष्ण के हाथ 20 लाख भेजे। जालसाजों ने उन्हें 15 नवंबर को साक्षात्कार के लिए बुलाया।

इस बार अरुण ने अपने बेटे धीरज सूद, मुंबई की कंपनी के मालिक मुदित टंडन व अनिल कृष्ण को भेजा। भावना व असद ने उन्हें गोमतीनगर के एक होटल में ठहराया, शाम को अभिषेक लालबत्ती की गाड़ियों का काफिला लेकर पहुंचा। उसके साथ कमांडो थे।

भावना ने तीनों लोगों से मंत्री नीटू यादव के रूप में उसका परिचय कराया। डील फाइनल की और अगले दिन भावना ने प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा के नाम से 52200 के आठ ड्राफ्ट बतौर प्रतिभूति उपलब्ध कराने को कहा।

बताया कि अरुण इंडस्ट्रीज को पांच-पांच करोड़ के पांच और मुंबई की समर्थ निटर्स कंपनी को बैग सप्लाई के लिए पांच-पांच करोड़ के तीन आदेश जारी किए जा रहे हैं। अरुण सूद ने भी शुक्रवार को हजरतगंज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।
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