बेटी के हाथ पीले करने की जद्दोजहद में परेशान एक पिता जब उसके विवाह के लिए जरूरी रकम का इंतजाम कर पाने में विफल हो गया तो उसने हारकर मौत को गले लगा लिया।
काकोरी क्षेत्र में शनिवार सुबह एक बाग में उसका शव पेड़ से लटका मिला। नवरात्र में बेटी की सगाई के बाद से दिसंबर में होने वाले विवाह के लिए पैसों के इंतजाम में जुटे श्रीराम को हर तरफ से निराशा ही हाथ लग रही थी।
पैसों के इंतजाम में तीन दिन बाद शुक्रवार को घर लौटे श्रीराम ने अपनी बेटी से रोते हुए इस बात के लिए माफी भी मांगी कि वह विवाह के लिए पैसों का इंतजाम नहीं कर सका।
इसके बाद घर से निकला तो फिर लौटकर नहीं आया, केवल उसकी मौत की खबर परिवारीजनों तक पहुंची। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
काकोरी के मौरा गांव का निवासी श्रीराम (50) मजदूरी करता था। उसने अपनी बेटी शोभा की शादी तय कर दी थी। पिछले नवरात्र में उसकी सगाई भी हो गई थी और दिसंबर में होने वाली उसकी शादी की तैयारी चल रही थीं।
शादी के लिए रकम की व्यवस्था के लिए कई दिनों से वह इधर-उधर दौड़ लगा रहा था। परिचितों व रिश्तेदारों के पास गया लेकिन कहीं से कोई मदद न मिलने पर वह हताश हो गया था।