हसनगंज के रूपनगर खदरा में किराये के मकान में रह रहे निजी कंपनी के कर्मचारी 25 वर्षीय बृजेंद्र ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। बुधवार सुबह मकान मालकिन ने उसके कमरे का दरवाजा खटखटाया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
उनसे सूचना पाकर आई पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो भीतर बृजेंद्र का शव लटका मिला। पुलिस ने कमरे की तलाशी ली लेकिन सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिवारीजनों का कहना है कि बृजेंद्र का डेढ़ साल पहले पत्नी से तलाक हो गया था।
इसके बाद वह दूसरी महिला के साथ रह रहा था जो उसे छोड़कर चली गई। इसी के चलते उसने खुदकुशी कर ली होगी।
इंस्पेक्टर विमलेश कुमार सिंह ने बताया कि बृजेंद्र मूलरूप से अमीनाबाद का रहने वाला था और करीब 20 दिन पहले ही रूपनगर खदरा स्थित नीलम शर्मा के मकान में किराये पर रहने आया था।
उसके साथ राजनंदनी नाम की महिला थी जिसे वह पत्नी बताता था। करीब एक सप्ताह पहले राजनंदनी उसे छोड़कर चली गई। बुधवार सुबह बृजेंद्र काफी देर तक सोकर नहीं उठा तो नीलम उसके कमरे की तरफ गईं। दरवाजा भीतर से बंद था।
नीलम ने दरवाजा खटखटाया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका से उन्होंने पुलिस को सूचना दी तब बृजेंद्र की खुदकुशी का पता चला। उसने रस्सी के जरिए पंखे से लटककर जान दे दी थी।
सूचना पाकर आए बृजेंद्र के बड़े भाई अनूप ने बताया कि उसका डेढ़ साल पहले पत्नी से तलाक हो गया था। इसके बाद से वह अपना घर छोड़कर किराये के मकान में रह रहा था। कुछ समय से उसके साथ राजनंदनी नाम की महिला रह रही थी।
राजनंदनी अपने पति को छोड़ चुकी है। बृजेंद्र के करीबियों ने बताया कि अक्सर वह पत्नी के छोड़कर जाने की पीड़ा का जिक्र करता था। वह यह भी कहता था कि राजनंदनी का पति उसे धमका रहा है।
करीबियों ने आशंका जताई है कि कहीं राजनंदनी के पति की धमकियों से घबराकर तो उसने खुदकुशी नहीं कर ली है। इंस्पेक्टर का कहना है कि इस मामले में किसी ने कोई आरोप नहीं लगाया है न ही शिकायत की है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।