ठाकुरगंज इलाके में 17 साल पहले कथित मुठभेड़ में दो बदमाशों के मारे जाने के मामले में डीएम कौशलराज शर्मा ने बुधवार को मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। एसीएम-2 को जांच अधिकारी नामित किया है।
ठाकुरगंज पुलिस ने खड़जा कुल्हड़ भट्ठा जंगल में 24 अप्रैल 2001 को बंथरा थाने के गांव खटोला निवासी राजेंद्र रावत व कृष्णानगर के आजादनगर निवासी महेंद्र सिंह नेगी का एनकाउंटर किया था। दोनों के परिवारीजनों ने फर्जी मुठभेड़ में मार गिराने का आरोप लगाए थे।
पुलिस की तरफ से दोनों पर कातिलाना हमले का केस दर्ज करके फाइल बंद कर दी गई थी। इस मामले में डीएम ने एसीएम-2 एसके सिंह को मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। कहा है कि दोनों की मौत के कारण व परिस्थितियों और विभिन्न बिंदुओं की जांच करके रिपोर्ट सौंपें।
नामित जांच अधिकारी एसीएम-2 ने बताया कि जिस किसी व्यक्ति को मुठभेड़ के संबंध में जानकारी व बयान दर्ज कराना हो वह किसी भी कार्यदिवस में कलेक्ट्रेट स्थित एसीएम-2 के कोर्ट कक्ष में उपस्थित होकर साक्ष्य प्रस्तुत कर बयान दर्ज करा सकता है।