इलाहाबाद के कैंट थाना क्षेत्र के गंगानगर से पिछले वर्ष मार्च में गायब हुई 13 वर्षीय किशोरी सोनाली की हत्या के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
किशोरी को प्रेमजाल में फंसाने के बाद शादीशुदा संजीव कुमार उर्फ संजू उसे भगा ले गया था।
वह उसके साथ माह भर रहा लेकिन चरित्र पर शक होने पर उसने विंध्याचल में किशोरी की हत्या कर शव ओसला पुलिया के पास फेंक दिया।
एक वर्ष बाद कैंट पुलिस ने गुत्थी को सुलझाते हुए मामले का खुलासा किया और संजीव को गिरफ्तार कर लिया।
पड़ोसी से अफेयर का था शक
संजीव कुमार सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के स्ट्रैची रोड पर मिश्रा भवन के पास का रहने वाला है।
वह घरों में खाना बनाने का काम करता है। कामकाज के दौरान ही उसकी सोनाली से मुलाकात हुई थी। उसने उसे प्रेमजाल में फंसा लिया और 13 मार्च 2014 को भगा ले गया।
संजीव आगरा, कानपुर होते हुए मिर्जापुर पहुंचा। उसने मिर्जापुर में छोटा मोटा काम पकड़ लिया। जहां वह रहता था, उसी के बगल में एक छात्र भी किराए का कमरा लेकर रहता था।
कुछ दिन बाद संजीव को शक हुआ कि किशोरी का छात्र से प्रेम संबंध है। उसने किशोरी को सबक सिखाने की ठान ली।
तीर्थ स्थान पर ले जाकर घोंटा गला
वह अप्रैल में सोनाली को विंध्याचल दर्शन कराने ले गया। वहां पर उसने सोनाली का गला घोंटकर हत्या कर दी।
24 अप्रैल 2014 को पुलिस ने एक किशोरी का शव बरामद किया लेकिन पहचान न होने के कारण अज्ञात में हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
उधर सोनाली के भाई ने अज्ञात में कैंट थाने में अपहरण का मुकदमा भी दर्ज करवा दिया। सोनाली का कई माह तक पता न चलने पर परिजनों ने खोजबीन बंद कर दी।
विंध्याचल पुलिस ने भी फाइनल रिपोर्ट लगा दी लेकिन कैंट पुलिस की जांच जारी रही। राजापुर चौकी प्रभारी श्री निवास राय घटना के तार जोड़ते हुए संजीव कुमार तक पहुंच गए। पुलिस का दावा है कि संजीव ने जुर्म कुबूल कर लिया है।