एसएन तिवारी का कहना है कि दो बदमाशों को वह पहली मंजिल पर स्थित कमरा दिखाने साथ ले गए, जबकि तीसरा नीचे ही रुक गया। काफी देर तक पिता नीचे नहीं आए तो रितु ऊपर गई। वहां देखा, बदमाशों ने रस्सी व टेप से एसएन तिवारी के हाथ-पैर बांधकर बैठा रखा था और कनपटी पर पिस्टल तानकर रुपये व जेवर के बारे में पूछ रहे थे।
बदमाशों ने रितु को भी पकड़कर हाथ-पैर बांध दिए। बेटी व पति के नीचे न आने पर विमला भी ऊपर गई तो बदमाशों ने उन्हें बैठा लिया। हालांकि उनके हाथ-पैर नहीं बांधे। इसके बाद बदमाशों ने इत्मीनान से अलमारियों से सोने-चांदी के जेवर और करीब 40,000 रुपये समेटे।
शाम करीब सात बजे बदमाश धमकाते हुए भाग निकले। उनके जाते ही विमला नीचे आईं और पड़ोस में रहने वाले लोकेश को घटना बताई। उन्होंने लोकेश के मोबाइल से ही पुलिस नियंत्रण कक्ष को फोन कर वारदात की सूचना दी।
जानकारी पर आनन-फानन एसएसपी समेत अन्य पुलिस अधिकारी व गोमतीनगर पुलिस पहुंची। बदमाशों ने जिस मोबाइल नंबर से एसएन तिवारी को कॉल की थी, उसके ही जरिये पुलिस उन तक पहुंची। रात करीब साढे़ दस बजे बदमाशों के मोबाइल की लोकेशन हैनीमैन चौराहे के पास मिली, जिसके बाद घेराबंदी शुरू की गई।
पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायर किया। जवाबी फायरिंग में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर निवासी नवीन कश्यप के पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे भाई प्रवीण कश्यप के साथ दबोचा। नवीन को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तीसरे साथी संतोष की तलाश जारी है। पकड़े गए बदमाशों ने बताया कि वे एक सप्ताह से मकान की रेकी कर रहे थे।
विमला ने पैर में दर्द होने की बात कही तो बदमाश उनके पैर दबाने लगे। उनका यह व्यवहार देखकर सभी चौंक गए। पुलिस अधिकारियों भी यह बात सुनकर आश्चर्यचकित रह गए। विमला ने बताया कि बदमाशों ने चाय बनाकर पी और नाश्ता भी किया। एसएन तिवारी की रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर है। बदमाशों ने उन्हें आराम पहुंचाने के लिए तकिया भी लगाया।