जिला जेल में निरुद्ध बंदी जब पेशी पर आते हैं या जमानत पर रिहा होते हैं तो वह अंदर की हकीकत बयां करते हुए कहते हैं कि जेल में नींबू मिलना तो दूर बिना पैसा दिए कोई काम नहीं होता है। एक बंदी ने तो बताया कि महंगा नींबू कहां से दे देंगे। यहां पैसा देकर तो सारी सुविधाएं मिल सकती हैं पर सरकारी स्तर पर ठीक से खाना-पानी मिलना मुश्किल है।
पंजाब जेल से बड़ा नींबू घोटाला
बताते हैं कि कुछ दिन पहले बंदियों की शिकायत पर पंजाब जेल में 50 किलो नींबू के घोटाले की जांच हुई तो जेलर को निलंबित कर दिया गया। कपूरथला की मॉर्डर्न जेल में वहां के मंत्री द्वारा जेल का निरीक्षण किया गया था जिसमें घोटाले की बात पकड़ी गई थी। बाराबंकी जेल में तो प्रतिदिन करीब 40 किलो और तीन महीने में औसतन 36 क्विंटल नींबू बंदियों को पिला दिया गया। इसकी जांच निष्पक्ष हुई तो यहां भी कई की गर्दन नपनी तय है।
डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी का कहना है कि जेल में जिन बंदियों की भंडारे में ड्यूटी रहती है सिर्फ उनको डॉक्टरों की सलाह पर नींबू दिया जाता है। यदि प्रति बंदी एक नींबू बाराबंकी जेल में दिया गया है तो वहां के अफसर इसका जवाब देंगे। अभी हमारे पास इसकी कोई शिकायत या जानकारी नहीं है। मगर पता कराते हैं कि पूरा मामला क्या है।