फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वकील ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को उड़ाया

Thu, 03 Apr 2014 09:06 AM IST
अनिल त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
पारा के डिप्टीखेड़ा गांव में बुधवार दोपहर डिप्रेशन के शिकार वकील ने लाइसेंसी रिवॉल्वर कनपटी पर रखकर खुद को गोली से उड़ा लिया। फायर की आवाज सुनकर घर में मौजूद बेटियां भागकर कमरे में पहुंचीं।
विज्ञापन


बेड पर खून से लथपथ पिता को देखते ही चीखपुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने रिवॉल्वर को कब्जे में लेने के साथ ही शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। तलाशी में कमरे से सुसाइड नोट नहीं मिला है।

डिप्टीखेड़ा गांव निवासी रामखेलावन यादव (55) के खुद को गोली मारने की सूचना पर दोपहर करीब डेढ़ बजे पारा एसओ अशोक कुमार फोर्स समेत पहुंचे। कमरे में बेड पर वकील खून से लथपथ पड़े थे,पास ही रिवॉल्वर पड़ी थी।
विज्ञापन


दाहिनी तरफ से गोली कनपटी को चीरते हुए निकली थी। तलाशी में सुसाइड नोट नहीं मिला है। बेटे सुनील के अनुसार पिता डिप्रेशन की चपेट में थे और उनका इलाज भी चल रहा था। पिछले कुछ दिनों से ज्यादा ही परेशान थे।

परिवार में पत्नी निर्मला,बेटे सुनील,अनिल व बेटियां पूनम व संध्या हैं। बड़ी बेटी सुषमा की शादी हो चुकी है। चचेरे भाई जितेंद्र की शादी के बाद कथा में शामिल होने सुषमा दो वर्षीय बेटे के साथ मायके आई थी।

सुबह रामखेलावन का छोटा बेटा अनिल स्कूल चला गया,जबकि सुनील प्रेस के लिए कपड़े देने गया था। दोपहर करीब साढ़े बारह बजे निर्मला पति को खाना देकर देवर के घर कथा में चली गई। बेटियां भी जाने की तैयारी कर रही थीं।

इसी बीच काफी देर खिलाने के बाद नाती को बेटी के हवाले कर रामखेलावन मकान में पीछे बने कमरे में चले गए। करीब पंद्रह मिनट बाद फायर की आवाज सुन बेटियां सकते में आ गईं।

सब भागती हुई कमरे में पहुंचीं,पिता को खून से लथपथ देख चीखपुकार मच गई। बेटे सुनील ने पुलिस को फोन किया। एसओ के अनुसार परिवार के लोगों ने डिप्रेशन की बात कही है। मामले की जांच की जा रही है।

पल भर में सब कुछ बदल गया
पल भर में रामखेलावन के परिवार में सब कुछ बदल गया। पत्नी निर्मला के साथ ही बेटे व बेटियों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। खून से लथपथ पति का शव देखकर पत्नी बेसुध हो गई।

सूचना पर पहुंचे रिश्तेदार भी सकते में थे। परिचितों का कहना था कि रामखेलावन इतने कमजोर तो नहीं थे कि खुदकुशी कर लें। फिर ऐसा क्या हुआ कि जान दे दी। परिवार के अनुसार ज्यादातर रिवॉल्वर अलमारी में रहता था।

सुसाइड के पीछे पुलिस जमीन के कारोबार में घाटे और घरेलू कलह को केंद्र में रखकर जांच कर रही है। दरअसल,रामखेलावन वकालत के साथ जमीन का कारोबार में भी करते थे। कई प्रॉपर्टी में रकम लगाई थी।

मगर विवाद के चलते कब्जा नहीं मिल पा रहा था। इसके साथ ही घरेलू कलह को भी कारण माना जा रहा है। पूछताछ में पता चला है कि वकील अपने बड़े बेटे को लेकर परेशान रहते थे। साथ ही बेटी की ससुराल को लेकर भी तनाव में रहते थे।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें