राजधानी पुलिस की सक्रियता, गश्त-पिकेट व थाना-चौकी का हाल देखने के लिए डीजीपी ओपी सिंह शुक्रवार देर रात सड़क पर निकल पड़े। अपने आवास से डीजीपी रात करीब सवा ग्यारह बजे चौक की पाटानाला चौकी पहुंचे और वहां अधिकारियों-कर्मचारियों की क्लास लगाई।
उन्होंने दरोगाओं से क्षेत्र की पुलिसिंग और अपराध नियंत्रण से संबंधित सवाल-जवाब किए। इस बीच डीजीपी के चेकिंग पर निकलने की सूचना से जिले की पुलिस सतर्क हो गई। सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी सड़क पर मुस्तैद हो गए।
करीब 20 मिनट बाद डीजीपी का काफिला पाटानाला चौकी से ऐशबाग पुल से होते हुए चारबाग, मवैया से नहर चौराहा पहुंचा जहां सीओ कृष्णानगर लाल प्रताप सिंह सड़क पर उनका इंतजार करते मिल गए।
डीजीपी जब पाटानाला चौकी पहुंच, उस वक्त वहां एसएसपी कलानिधि नैथानी थानेदारों और दरोगाओं की बैठक कर रहे थे। वहां एएसपी पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी समेत अन्य अफसर भी मौजूद थे। डीजीपी के चौकी आते ही हड़कंप मच गया।
उन्होंने हुसैनाबाद चौकी के प्रभारी राजकरन सिंह से पुलिसिंग के बारे में पूछताछ की। पूछा अपराध कैसे नियंत्रित करते हैं तो चौकी प्रभारी हड़बड़ा गए। बोले कि सूचना पाकर तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करते हैं।
डीजीपी ने कहा कि यह तो अपराध होने के बाद की कार्रवाई है। उन्होंने अपना सवाल दोहराया तो चौकी प्रभारी ने हकलाते हुए कहा कि इलाके के लोगों से मिलजुलकर और बातचीत करके वारदातों की रोकथाम करते हैं। चौकी प्रभारी की बातें सुनकर डीजीपी ने उन्हें बैठ जाने को कहा। अन्य दरोगाओं से उन्होंने सर्कुलर के बारे में पूछा।
कई जवाब नहीं दे सके तो कई की जुबान लड़खड़ाने लगी। इस दौरान डीजीपी ने चौकी में मौजूद एएसपी और क्षेत्राधिकारियों को पुलिसिंग से संबंधित टिप्स दिए। 20 मिनट बाद डीजीपी का काफिला चौकी से निकलकर बाजारखाला की तरफ चल दिया।
वहां से यू-टर्न लेकर डीजीपी मवैया की ओर गए। ऐशबाग में ईदगाह के पास उनकी कार कुछ देर के लिए ट्रक के पीछे फंस गई। साथ में मौजूद पुलिसकर्मियों ने रास्ता साफ कराकर उनकी कार आगे निकलवाई।
यहां से डीपीजी कानपुर रोड की तरफ बढ़े तो सिंगारनगर के पास कृष्णानगर सीओ सड़क पर खड़े मिल गए। डीजीपी ने उनसे कुछ देर बातचीत की, इसके बाद शहीद पथ होते हुए फैजाबाद रोड की तरफ चल दिए।