शहीदपथ पर कुछ बदमाशों ने दो महिला समेत तीन लोगों का गाड़ी समेत अपहरण कर लिया।
कुछ दूर तक ले जाने के बाद सास-बहू को तो छोड़ दिया, लेकिन चालक को बेहोश कर नई टाटा सफारी लेते कर भाग गए।
महिला ने पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी। देर रात तक न तो गाड़ी बरामद हुई और न चालक मिल सका।
घटना के पीछे रुपयों के लेन-देन का विवाद बताया जा रहा है। बहरहाल पुलिस घटना को संदिग्ध मान रही है।
मकदूमपुर गोमतीनगर निवासी विकास यादव जालसाजी के मामले में गोसाईंगंज जेल में है। उसका इंदिरानगर निवासी सूरज रस्तोगी से रुपयों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा है।
विकास की पत्नी विमला अपनी सास सरला देवी के साथ नई टाटा सफारी गाड़ी से जेल में पति से मुलाकात के लिए गई थी। साथ में चालक उमेश शुक्ला भी था।
आरोप है कि लौटते समय शहीदपथ पर वैगनआर कार सवार सूरज रस्तोगी ने अपने तीन साथियों की मदद से असलहे के दम पर उनका गाड़ी समेत अपहरण कर लिया।
गाड़ी चालक उमेश शुक्ला पर हमला कर उसे गंभीर चोट पहुंचाई, जिससे वह बेहोश हो गया। तीनों को गाड़ी समेत वह किसी सुनसान इलाके में ले गए।
वहां उन्होंने विमला और उसकी सास सरला देवी को जान से मारने की धमकी देते हुए छोड़ दिया, लेकिन चालक समेत गाड़ी अपने साथ ले गए।
इसकी शिकायत दर्ज कराने विमला गोमतीनगर थाने पहुंची तो पुलिस ने घटनास्थल गोसाईंगंज का बताकर उन्हें टरका दिया।
बाद में पीड़ित गोसाईगंज थाने पहुंचे और पुलिस को आपबीती सुनाई। इस मामले में अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। शुरुआती जांच-पड़ताल के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच लेन-देन का विवाद बताया है।