पारा थाना क्षेत्र में पिता-पुत्र ने बिस्किट का लालच देकर कक्षा चार के मासूम छात्र को कटिया लगाने के लिए पेड़ पर चढ़ा दिया।
कटिया लगाने के दौरान मासूम करंट की चपेट में आ गया और पेड़ से नीचे गिर गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए पिता-पुत्र ने अपना अपराध छिपाने के लिए मासूम के शव को गांव के ही तालाब में फेंक दिया। घटना का पता चलने पर गांववालों ने आरोपी को बंधक बनाकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
सूरजकुंड खेड़ा निवासी शिव कुमार राजपूत का पुत्र सुभाष (11) मंगलवार को घर के बाहर खेल रहा था। पड़ोस में रहने वाला जगजीवन बिस्किट का लालच देकर सुभाष को अपने साथ ले गया और गूलर के पेड़ पर चढ़कर कटिया फंसाने को कहा।
जगजीवन अवैध तरीके से लोहे के तार से बिजली की लाइन खींच कर लाया था। मासूम सुभाष बिस्किट के लालच में पेड़ पर चढ़ गया। जैसे ही उसने तार से कटिया लगाई, उसे करंट का झटका लगा और वह नीचे गिर पड़ा।
उसकी मौके पर ही मौत हो गई। राम सनेही और उसके बेटे जगजीवन ने अपना अपराध छिपाने के लिए सुभाष के शव को तालाब में फेंक दिया और भाग गए।
कुछ देर बार सुभाष के घरवाले उसे ढूंढने निकले। पड़ोस में रहने वाले अमर सिंह के पुत्र सूरज ने बताया कि सुभाष को जगजीवन बुलाकर ले गया था।
उसके बाद सुभाष के परिजन जगजीवन के घर पहुंचे। जगजीवन घर पर नहीं था। वहां उसके पिता राम सनेही मिले। ग्रामीणों ने उससे जगजीवन के बारे में पूछा। इस पर राम सनेही ने बेटे के बारे में जानकारी होने से मना कर दिया।
इस पर ग्रामीण नाराज हो गए और राम सनेही की पिटाई कर दी और बंधक बना लिया। राम सनेही ने बताया कि सुभाष की करंट से चिपक कर मौत हो गई थी तो हम लोगों ने उसके शव को तालाब में फेक दिया।
दूसरी ओर सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा कि राम सनेही को ग्रामीणों ने बंधक बना रखा था। पुलिस ने राम सनेही और जगजीवन को हिरासत में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।