एटीएस ने शुक्रवार को नेपाल सीमा पर जाली भारतीय मुद्रा के सबसे बड़े तस्कर को दबोच कर पांच लाख के जाली नोट बरामद किए।
कैसरबाग बस अड्डे से दबोचा गया जालसाज इमरान अहमद तेली उर्फ मुन्ना उर्फ आफताब उर्फ समीर गुप्ता उर्फ इमरान समानी उर्फ सलमान के नाम से जाना जाता है।
बरामद किए गए नोट पाकिस्तान के प्रचलित समाचार पत्र ‘द डान’ में लिपटे हुए थे।
इमरान तेली जाली नोटों के कारोबार के अलावा पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई व आतंकी संगठन लश्कर-ए-तोयबा के लोगों के संपर्क में था।
वह आतंकी प्रशिक्षण के लिए भारत से नौजवान चुन कर लश्कर के ट्रेनिंग कैंप भेजता था।
अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था अरुण कुमार ने एटीएस को मिली कामयाबी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार अपराधी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
एडीजी ने कहा कि इमरान तेली के पास से बरामद एक डायरी में कई इंटरनेशनल नंबर मिले हैं, जिनके बारे में पूछताछ जारी है।
उन्होंने बताया कि पिछले एक अरसे से उत्तर प्रदेश की नेपाल सीमा पर जाली नोटों के कारोबार में सबसे बड़ा नाम इमरान तेली का था।
वह पाकिस्तान से जाली भारतीय मुद्रा को विभिन्न माध्यमों से हांगकांग, दुबई, मलेशिया, सिंगापुर आदि के जरिए भारत भेजता था।
इमरान की एटीएस को पहले से ही तलाश थी, पर वह चंगुल में नहीं आ रहा था। एटीएस को यह जानकारी मिली थी कि इमरान पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश में ही छिपा हुआ है।
शुक्रवार को वह कैसरबाग बस अड्डे से रुपईडीहा जाने के लिए बस में सफर करने वाला है। इस सूचना पर एटीएस की टीम ने उसे बस अड्डे से दबोच लिया।
मूल रूप से चंपारन बिहार के निवासी इमरान तेली 2007 में नेपाल के वीरगंज इलाके में रहने आ गया था।
शुरूआती दौर में तो उसने इलायची व लौंग का कारोबार किया पर उसमें घाटा होने के बाद जाली नोटों के कारोबार से जुड़ गया।